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Kanpur: विदेशी हैकर व्हाट्सएप के आठ ग्रुपों से रच रहे ठगी की साजिश, अंग्रेजी में होती थी बातचीत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 20 Apr 2026 09:41 AM IST
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सार

नौबस्ता पुलिस को जेल गए करन कसेरा के मोबाइल में ग्रुप मिले हैं। एलेक्स, एएमटू, मार्क नाम के ग्रुप शामिल हैं। एक ग्रुप में 25 से 35 सदस्य हैं।

Kanpur: Foreign Hackers Conspire to Commit Fraud via Eight WhatsApp Groups
सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार

विदेशी हैकर व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी की साजिश रच रहे हैं। देश के लोगों की रकम उड़ाने के लिए यहीं के लोगों के खातों का इस्तेमाल हो रहा है। यह जानकारी नौबस्ता पुलिस को यशोदानगर के दवा कारोबारी अमित राठौर से हुई ठगी के मामले में आरोपियों से पूछताछ में हुई है। जेल गए करन कसेरा और गुलशन के मोबाइल में एलेक्स, एएमटू, मार्क और चार अन्य नाम से ग्रुप मिले हैं। इन्हीं ग्रुपों पर ठगी के निर्देश दिए जा रहे थे। एक ग्रुप में 25 से 35 सदस्य शामिल हैं।
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डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि फाजिल्का के करन कसेरा और गुलशन अपने व अन्य लोगों के बैंक खातों में रकम डलवाने व निकलवाने का कार्य कर रहे थे। करन कसेरा के मोबाइल में आठ ग्रुप मिले हैं, जिनमें विदेशी साइबर अपराधी जुड़े हुए हैं। ग्रुप का नाम एलेक्स, एएमटू, मार्क आदि हैं। इसमें किस तरह से कौन सी साजिश रचनी है। पीड़ित को क्या करना है और किससे बातचीत करानी है, उसका पूरा ब्योरा मिला है।
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इस ग्रुप को संचालित करने में कंबोडिया, नाइजीरिया जैसे देशों के साइबर अपराधी हो सकते हैं लेकिन श्रीलंका, बांग्लादेश के युवक भी ग्रुपों से जुड़े हुए हैं। पुलिस को कई देशों के नंबर मिले हैं, जिनको इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर को दिया जाएगा। उन नंबरों की और जानकारी जुटाई जा रही है।

सिर्फ होती थी व्हाट्सएप कॉलिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन और अन्य लोग सिर्फ व्हाट्सएप कॉलिंग करते थे। करन कसेरा और गुलशन ने पूछताछ में आरोपियों के अंग्रेजी भाषा और हिंदी को भी अंग्रेजी की तरह बोलने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ग्रुप से जुड़े लोग कुछ टास्क दिया करते थे। उस टास्क की मॉनीटरिंग दूसरे लोग कर रहे थे। टास्क पूरा होने के बाद ग्रुप में अंगूठे वाली इमोजी बनाई जाती थी। किसी भी सदस्य को अपनी डीपी लगाने की अनुमति नहीं थी।

 

चेन्नई से आई मोची के खाते में रकम
नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर फाजिल्का के मोची के खाते में रकम कई शहरों से आई है। एनसीआरपी पोर्टल पर तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा पुलिस की ओर से शिकायत आई हैं। वहां के लोगों से ठगी कर रकम मोची के खातों में डलवाई गई है। आरोपी खातों के पांचवें और छठवें लेयर तक ट्रांसफर करने का कार्य कर रहे थे जिससे पुलिस की पहुंच से दूर रह सकें। करन कसेरा और गुलशन के पैन कार्ड पंजाब की कई ट्रेडिंग कंपनियों में मिले हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। यह बोगस फर्में भी हो सकती हैं।
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