लैंबॉर्गिनी कांड: 41A का नोटिस ठुकराना पड़ा भारी, वकील का दावा- शिवम नहीं चला रहे थे कार, पुलिस ने कही ये बात
Kanpur News: कानपुर पुलिस ने 41ए नोटिस का पालन न करने और जांच में सहयोग न करने पर लैंबॉर्गिनी हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, उनके वकील ने उन्हें बेगुनाह बताया है। कहा है कि शिवम कार नहीं चला रहे थे।
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कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी प्रकरण में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। ग्वालटोली थाना क्षेत्र के वीआईपी रोड पर हुए हादसे के मामले में आरोपी तंबाकू व्यापारी के पुत्र शिवम मिश्रा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की बड़ी वजह धारा 41ए के तहत जारी नोटिस को स्वीकार न करना बताया जा रहा है।
वकील का दावा: शिवम नहीं चला रहे थे कार
वहीं, शिवम मिश्रा के वकील नरेंद्र कुमार यादव ने पुलिसिया कार्रवाई को गलत ठहराया है। कोर्ट परिसर में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने शिवम को गलत तरीके से फंसाया है। वह उस समय कार नहीं चला रहे थे। बचाव पक्ष का अब भी यही कहना है कि स्टीयरिंग पर ड्राइवर था, न कि शिवम।
क्या होता है 41A का नोटिस?
बीएनएसएस की धारा 41A के तहत पुलिस ऐसे मामलों में, जहां गिरफ्तारी अनिवार्य न हो, आरोपी को नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाती है। यदि आरोपी नोटिस लेने से बचता है या जांच में सहयोग नहीं करता, तो पुलिस उसके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।
पूछताछ में शामिल नहीं हो रहा था
बताया जा रहा है कि शिवम मिश्रा को 41ए का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वह नोटिस रिसीव नहीं कर रहा था और न ही पूछताछ में शामिल हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने इसे सहयोग न करना मानते हुए कार्रवाई की और घर से हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण के बाद कोर्ट में पेश किया।
