UP: वकीलों के हंगामे के बीच टली सुनवाई; कोर्ट ने विवेचक को फटकारा, पूर्व बार अध्यक्ष बोले- क्यों नहीं मिली बेल
Kanpur News: कानपुर के लैंबॉर्गिनी कांड में हड़ताल के चलते शिवम मिश्रा की सुनवाई टल गई है। इस दौरान कोर्ट ने विवेचक को फटकार लगाई। वहीं पूर्व बार अध्यक्ष ने सात साल से कम की सजा होने पर भी थाने से जमानत न देने पर पुलिस को घेरा है।
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कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड के आरोपी शिवम मिश्रा की सुनवाई गुरुवार को शुरू होते ही अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज करा दिया। मामला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सूचीबद्ध था, लेकिन बार एसोसिएशन द्वारा घोषित हड़ताल के चलते वकील न्यायिक कार्य ठप कराने पर अड़ गए।
रामपुर में अधिवक्ता साथी के निधन के बाद वकीलों ने शोक स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में कोर्ट कक्ष संख्या सात के बाहर अधिवक्ताओं ने एकत्र होकर कहा कि हड़ताल के दौरान किसी भी मामले की सुनवाई नहीं होने दी जाएगी।
शिवम मिश्रा समेत कई मामलों की सुनवाई टली
अधिवक्ताओं का कहना था कि सभी मामलों में एक समान नियम लागू होना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कोर्ट में कार्य कर रहे वकीलों से भी काम रोकने की अपील की। हंगामे के बीच शिवम मिश्रा समेत कई मामलों की सुनवाई टल गई और अगली तारीख तय किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कोर्ट ने विवेचक को लगाई फटकार
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जब एफआईआर में सात साल से कम की सजा है, तो उसमें पुलिस को ही बेल दे देना चाहिए था। कोर्ट लाने की कोई जरूरत नहीं थी। वहीं, मामले मे कोर्ट ने विवेचक को फटकार लगाई है।
