Kanpur: घाटमपुर में कटरी के गांवों को बड़ी राहत, इस साल यमुना का पाट सूखा, खतरे के निशान से नीचे है जलस्तर
Kanpur News: इस वर्ष कम बारिश और बांधों से पानी न छोड़े जाने के कारण घाटमपुर के कटरी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर काफी कम है। पिछले साल 31 जुलाई तक बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों को इस बार राहत मिली है।
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कानपुर के घाटमपुर कस्बे में इस वर्ष बारिश कम होने पर बांधों से पानी न छोड़े जाने से फिलहाल यमुना का पाट ही सूखा पड़ा है। यमुना की वर्तमान स्थिति केवल एक धारा वाली बनी हुई है। हालांकि, पिछले वर्ष 31 जुलाई को आई बाढ़ का पानी कटरी के कई गांवों को चपेट में ले चुका था।
इस बार अभी तक ऐसी कोई स्थिति न होने से यहां के ग्रामीणों को राहत है। सोमवार को 103 मीटर खतरे के निशान के सापेक्ष 89.29 मीटर पर जलस्तर दर्ज किया गया है। बरसात के मौसम में यमुना का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी तहसील क्षेत्र गड़ाथा, कटरी, अमीरतेपुर, काटर, हरदौली समेत कई गांवों में पहुंच जाता है।
बाढ़ से निपटने की तैयारियां जारी
पिछले वर्ष ये गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए थे। गांव के लोगों को प्रशासन द्वारा बनाए गए शरण स्थलों में भेजा गया था। प्रशासन और बचाव दल भी पूरी तरह सक्रिय रहे थे। हालांकि इस बार अभी ऐसा कुछ भी नहीं है। प्रशासन ने एहतियातन बाढ़ से निपटने की तैयारियां भी शुरू कर रखी हैं।
अभी तक पानी छोड़े जाने की नौबत ही नहीं आई
एनडीआरएफ व सेना की टीमों ने गांवों का भ्रमण कर तैयारियों का खाका भी खींच लिया है। फिलहाल यमुना के जलस्तर की बात करें, तो अभी पूरी तरह गर्मियों जैसे ही हालात हैं। एक धारा के अलावा पूरा का पूरा पाट सूखा पड़ा हुआ है, जो इन गांवों के वाशिंदों व प्रशासन के लिए राहत भरा है। ज्यादातर यमुना का जलस्तर बांधों से पानी छोड़ने पर ही बढ़ता है, लेकिन बारिश कम होने से अभी तक पानी छोड़े जाने की नौबत ही नहीं आई है।
बाढ़ से निपटने के लिए इस बार प्रशासन की ओर से और बेहतर तैयारी की गई है। एनडीआरएफ, सेना, पीएसी के अन्य विभाग भी सक्रिय हैं। अभी बांधों से पानी भी नहीं छोड़ा गया है। अभी बाढ़ जैसी कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है। -अविचल प्रताप सिंह, एसडीएम