Kanpur: दर्द से जूझ रही रिम्शा की हुई सिर्फ मलहम-पट्टी, निदेशक ने किशोरी का जाना हालचाल, परिजनों ने लगाया आरोप
Kanpur News: उर्सला अस्पताल में 15 वर्षीय किशोरी रिम्शा के पैर की हड्डी टूटने के चर्चित मामले में अस्पताल निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने वार्ड पहुंचकर हालचाल जाना। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि मुख्य सर्जरी करने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है और उन्हें दूसरे अस्पताल जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
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कानपुर के उर्सला अस्पताल में 15 वर्षीय किशोरी रिम्शा के पैर की हड्डी तोड़ने के चर्चित मामले में सोमवार को निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने वार्ड में पहुंचकर उसका हाल-चाल लिया। निदेशक की पूछताछ के बावजूद किशोरी की तकलीफें कम नहीं हुईं हैं।
घरवालों का आरोप है कि डॉ. सुनील उत्तम ने केवल औपचारिक तौर पर किशोरी की मलहम-पट्टी की। उसकी मुख्य सर्जरी नहीं की जा रही है। मां नायमा और पिता नफीस का आरोप है कि डॉ. सुनील का रवैया अब भी संवेदनहीन है। चार साल पहले भी उन्हीं से ऑपरेशन कराया था। उस वक्त डॉ. सुनील ने पैर में रॉड डाली थी।
बेटी ठीक नहीं हुई, तो क्या करेंगे
आरोप है अस्पताल प्रशासन उन पर दूसरे अस्पताल में जाने के लिए दबाव बना रहा है। डॉ. सुनील उत्तम ने खुद भी कहा है कि वह किशोरी को हैलट में भर्ती करा देंगे और खर्च की जिम्मेदारी ले लेंगे। नायमा का कहना है कि अगर कहीं और चले गए और वहां बेटी ठीक नहीं हुई, तो क्या करेंगे। इसका जिम्मेदार कौन होगा।
किशोरी के परिजनों के लिए बयान
जांच कमेटी ने भी सोमवार को डॉ. सुनील और परिजनों के बयान लिए हैं, जिसमें ये सामने आया है कि हड्डी तोड़ने के बाद डॉक्टर स्थिति संभालने के बजाय भाग निकले थे। कमेटी अभी कुछ और दस्तावेजों की जांच करेगी।