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कवायद: 50 करोड़ की सात शत्रु संपत्तियां घोषित, 28 की अभी चल रही है जांच, प्रशासन के लिए खाली कराना चुनौती

Fri, 14 Aug 2026 12:50 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 14 Aug 2026 12:50 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में शत्रु संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले पांच वर्षों की जांच के बाद प्रशासन ने 50 करोड़ से अधिक कीमत की सात शत्रु संपत्तियां घोषित कर दी हैं, जबकि 28 मामलों की जांच अभी लंबित है।

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Kanpur Seven enemy properties worth 50 crore declared investigation into 28 others is ongoing
चमनगंज स्थित दारुल मौला की शत्रु संपत्ति - फोटो : amar ujala

विस्तार

गृह मंत्रालय की ओर से शत्रु संपत्तियों की नीलामी संबंधी आदेश जारी होने के बाद जिले में वर्षों से लंबित मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले पांच वर्षों में हुई जांच के बाद 50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की सात शत्रु संपत्ति घोषित की जा चुकी हैं। वहीं, करीब 28 मामलों की जांच लंबित है।

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अब प्रशासन के सामने चिह्नित संपत्तियों के अभिलेख दुरुस्त कराने और कब्जे वाली संपत्तियों को सरकारी अभिरक्षा में लेने की चुनौती है। जिले में सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां सदर तहसील क्षेत्र में हैं। चमनगंज, ग्वालटोली, परेड और बेकनगंज के अलावा बिल्हौर में भी एक संपत्ति है।

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संपत्तियों पर स्थानीय लोगों ने कर लिया कब्जा
इनमें फ्लैट, आवासीय भवन, दुकानें और जमीनें शामिल हैं। प्रमुख इलाकों में होने से कई संपत्तियों का बाजार मूल्य करोड़ों रुपये है। शत्रु संपत्तियों पर कब्जे को लेकर प्रशासन को वर्षों से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए लोगों की संपत्तियों पर स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया।

28 मामलों की रिपोर्ट उप जिलाधिकारी स्तर पर लंबित
शासन के निर्देश पर जांच शुरू हुई। शुरुआती स्तर पर करीब 89 संपत्तियां चिह्नित की गईं। अभिलेखों के सत्यापन के बाद करीब 35 संपत्तियां शत्रु संपत्ति की श्रेणी में मिलीं। सर्वे, सत्यापन और मूल्यांकन के बाद अब तक सात शत्रु संपत्ति ही घोषित हुई हैं। 28 मामलों की रिपोर्ट उप जिलाधिकारी स्तर पर लंबित है।

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कब्जा हटाना बड़ी चुनौती
सात घोषित संपत्तियों में चार से पांच पर प्रशासन ने ताला लगा दिया है। वहीं शत्रु संपत्ति की श्रेणी में मिले कुछ फ्लैटों में लोग अभी काबिज हैं। इसके अलावा कई ऐसी ही संपत्तियों पर लंबे समय से दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलने के कारण कब्जा हटाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

ये संपत्तियां घोषित

  • आमना खातून, आबिद रहमान- 99/187 कंघी मोहाल, 99/14ए रामजानकी मंदिर बेकनगंज और 88/21, 88/21ए, 88/21बी, 88/21सी दारुल मौला नाला रोड, चमनगंज।
  • तजमल हुसैन एवं तजम्मुल हुसैन- 11/154ए, 11/157 और 11/158 ग्वालटोली।
  • एस हुमायु नजर पुत्र नजर मोहम्मद- 602 गोकुल अपार्टमेंट, सिविल लाइंस।

जिले में अभी सात संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित हुई हैं। अन्य संपत्तियों की जांच जल्द पूरी कराई जाएगी। शासन के निर्देश के अनुसार समय पर कार्रवाई होगी।  -आलोक कुमार गुप्ता, अपर जिलाधिकारी नगर

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