Kanpur: अखिलेश दुबे से जुड़े छह मामलों में एसआईटी जांच ठिठकी, टीम का आकार बढ़ा पर जांच नहीं बढ़ी, ये हैं मामलें
Kanpur News: एसआईटी ने अखिलेश दुबे के खिलाफ 43 में से 37 शिकायतों में साक्ष्यों के अभाव में क्लीनचिट दे दी है, जिससे ऑपरेशन महाकाल के तहत हुई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल छह मामलों की जांच पिछले चार महीनों से धीमी गति से चल रही है और 10 मामले कोर्ट में लंबित हैं।
विस्तार
कानपुर जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ छह शिकायतों की एसआईटी जांच ठप हो गई है। करीब चार माह पहले जब एसआईटी के पास शिकायतें आईं थी तब लग रहा था कि जल्द जांच कर रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी। हालांकि इसके बाद एसआईटी की जांच कछुआ चाल से भी धीमी होती चली गई। यही वजह है कि एसआईटी के पास पिछले करीब चार माह से शिकायतों की जांच लंबित हैं। एसआईटी का आकार चार से आठ सदस्यीय होने के बाद भी विवेचना की गति पर कोई असर नहीं पड़ा।
छह अगस्त 2025 को भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा थाने में अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके बाद अखिलेश और उसके साथियों पर किदवईनगर व कोतवाली में दो-दो रिपोर्ट दर्ज हुईं जबकि जूही क्षेत्र के 15 साल पुराने मामले में फिर से जांच शुरू हुई। यह कार्रवाई एसआईटी जांच के बाद हुई थी।
एसआईटी को आठ सदस्यीय कर दिया गया
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने सितंबर में ऑपरेशन महाकाल शुरू किया, तो उसमें अखिलेश के अलावा कई लोगों पर जमीन पर कब्जा करने और अन्य अपराधियों के खिलाफ शिकायतें आईं। सीपी कार्यालय से एसआईटी को बारी-बारी से जांच दी गईं। 10 अगस्त के बाद अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। एक साथ कई शिकायतों के आ जाने के बाद जांच प्रभावित न हो इसके लिए एसआईटी को आठ सदस्यीय कर दिया गया।
चार मामलों की जांच जिला प्रशासन कर रहा
शिकायतकर्ताओं ने अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा बनाया और पुलिस अधिकारियों से जांच में सहयोग करने की मांग की। अक्तूबर में अखिल कुमार का तबादला हो गया और रघुबीर लाल नए कमिश्नर बने। अखिल के तबादले से एसआईटी जांच को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं थीं। हालांकि सीपी रघुबीर लाल ने कार्यभार संभालते ही एसआईटी के अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। 26 नवंबर को एसआईटी ने जांच के बाद सबूतों के अभाव में 43 शिकायतों में से 37 में अखिलेश और उसके करीबियों को क्लीनचिट दे दी थी। जबकि वक्फ से संबंधित चार मामलों की जांच जिला प्रशासन कर रहा है। करीब 10 के आसपास मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
ऐसे जानें उन छह मामलों को
युवती ने कोर्ट में बदले बयान, इंस्पेक्टर ने लगाई चार्जशीट
गोविंदनगर निवासी सागर मल्होत्रा की शिकायत पर एसआईटी जांच कर रही है। उन पर युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर एफआईआर कराई थी। गोविंदनगर पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया तो युवती मुकर गई। बावजूद इसके तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सागर मल्होत्रा का आरोप है कि केस समाप्त करने के लिए उनसे आठ लाख रुपये लिए गए थे, जिसमें अखिलेश दुबे के साथी लवी मिश्रा को आधी रकम मिली। आरोप लगाने वाली युवती और लवी मिश्रा के बीच कई बार बातचीत हुई जिसका रिकाॅर्ड पुलिस को मिल गया है। इस मामले में अखिलेश दुबे की भूमिका को देखा जा रहा है।
अधिवक्ता को वॉट्सएप कॉल से मिली धमकी
अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा में शामिल अधिवक्ता मनोज सिंह की शिकायत पर जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2025 को कोर्ट कंपाउंड से चालक मजहर के साथ घर लौट रहे थे। उनके मोबाइल पर अखिलेश दुबे के साथी टोनू यादव की वॉट्सएप कॉल आई। टोनू यादव ने एक प्लॉट के मामले में उन्हें धमकी दी। आरोप है कि टोनू ने अखिलेश दुबे के कहने पर उनको धमकी दी थी। एसआईटी ने अखिलेश दुबे और टोनू यादव की सीडीआर निकलवाई है। अधिवक्ता और आरोपी के मोबाइल की लोकेशन की जांच की जा रही है।
कारोबारी को धमकाने और पगड़ी उतारने का आरोप
गोविंदनगर के कारोबारी जसबीर सिंह भाटिया ने अखिलेश पर धमकाने और पगड़ी उतारकर बेइज्जत करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि उन्होंने शुभम गुलाटी से दुकान का सौदा 11.65 लाख रुपये में किया। कोरोना संक्रमण के दौरान उन्होंने ट्रक बेचकर 8.95 लाख रुपये दे दिए। बाकी की रकम लेकर शुभम के पास पहुंचे तो उसने कहा कि दुकान किसी और को बेच दी है। यह बैनामा और सौदा एक पर्ची पर हुआ था। विरोध पर अखिलेश दुबे ने धमकी दी और पगड़ी उतार दी।
अखिलेश दुबे के घर साजिश रचने की शिकायत
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया का आरोप है कि वह बिकरू कांड की पैरवी न कर सकें। इसके लिए बिकरू कांड के आरोपी जय बाजपेई के भाई रजयकांत बाजपेई ने अपनी नौकरानी से उन पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह साजिश अखिलेश दुबे के घर पर रची गई थी। एसआईटी को नौकरानी और रजयकांत के बीच लंबी बातचीत के रिकाॅर्ड मिले हैं। पुलिस कमिश्नर ने और साक्ष्य हासिल करने के लिए कहा है।
दुकान पर कब्जे के मामले की जांच
गोविंदनगर के संजय अग्रवाल ने अखिलेश दुबे के खिलाफ दुकान पर कब्जे की शिकायत दी थी। संजय अग्रवाल ने सनी चुग को 50 लाख रुपये में सामान के साथ दुकान दी थी। उनकी शिकायत के मुताबिक सनी की ओर से आठ लाख रुपये ही देने का आरोप है। मामले की जांच में कई काल डिटेल मिली है।
केडीए वीसी के पूर्व पीए के खिलाफ आई शिकायत
साकेतनगर के श्रवण कुमार बाजपेई ने केडीए सचिव के पूर्व पीए कश्यपकांत दुबे के खिलाफ शिकायत दी है। इसमें उन्होंने केडीए की जमीनों के मामले में खेल करने का आरोप लगाया है। आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एसआईटी में जिन मामलों की जांच लंबित हैं। उनमें डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी सबूत एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी। -रघुबीर लाल,पुलिस कमिश्नर