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किडनी ट्रांसप्लांट: एनसीआर के बड़े अस्पताल को नोटिस भेजने से बच रही पुलिस, फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 09 Apr 2026 09:28 PM IST
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सार
आहूजा हॉस्पिटल के स्टाफ शिवम अग्रवाल ने प्रयागराज के नवीन से बातचीत में अस्पताल का नाम लिया था।
सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में एनसीआर के बड़े अस्पताल का दो बार नाम आ चुका है, लेकिन पुलिस उनके प्रबंधन को नोटिस देने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी और साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। टीमें जानकारी जुटाने के लिए वहां रवाना की गई हैं।
पुलिस को आहूजा हॉस्पिटल के स्टाफ शिवम अग्रवाल के मोबाइल से रिकार्डिंग बरामद हुई है, जिसमें वह प्रयागराज के नवीन पांडेय से बातचीत कर रहा है। नवीन पांडये डॉ. रोहित के लिए एनसीआर क्षेत्र में डोनर व रिसीवर तलाशने का कार्य करता है। रिकार्डिंग 19 नवंबर 2025 की है। इसमें शिवम और नवीन एक महिला की मौत होने की बात कर रहे हैं। शिवम नवीन से कह रहा है कि जिस महिला को कानपुर से दिल्ली के अस्पताल भेजा गया था। उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। महिला की रावतपुर के नर्सिंगहोम में किडनी ट्रांसप्लांट की गई।
हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भेजा गया। रिकार्डिंग में दोनों ने डॉ. रोहित का नाम लिया और कहा कि महिला के परिजनों को मैनेज किया जाए। वह अस्पताल के बाहर हंगामा कर रहे हैं। रिकार्डिंग से पुलिस को पता चला है कि ट्रांसप्लांट कराने के बाद एक महिला की मौत भी हुई है, लेकिन वह कहां की है इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। नर्सिंगहोम और स्वास्थ्य विभाग के पास भी किसी तरह के कोई रिकार्ड नहीं है। दिल्ली के बड़े अस्पताल के पास कुछ न कुछ जानकारी होने की संभावना है, जिसके लिए उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी थी। साथ ही पुलिस को जेल भेजे गए ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार तोमर ने पूछताछ में बताया है कि उनकी डॉ. रोहित, डॉ. अली से अस्पताल की दूसरी ब्रांच में मुलाकात हुई थी। वहां के एक स्टाफ भी साथ में थे। पुलिस उसकी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम ने फरार चल रहे डाॅ. रोहित, डॉ. अजफल और मुदस्सर अली सिद्दीकी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इनके साथ ही फरार चल रहे नामजद आरोपी डॉ. वैभव, डाॅ. अंकित और नवीन पांडेय की भी तलाश में पांच टीमें एनसीआर भेजी गई हैं। यह दिल्ली के अलावा उत्तराखंड भी जाएंगी। दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड पुलिस को सभी छह की डिटेल भेजी है।
केशवपुरम के आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को हुए किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से अब तक नौ लोगों को जेल भेजा गया है। जेल जाने वालों में डॉ. सुरजीत आहूजा, डाॅ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप कुमार राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी हैं। पुलिस ने सात अप्रैल को परवेज सैफी को रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम के मुताबिक डॉ. अफजल के साथ ही परवेज सैफी कानपुर और लखनऊ आया जाया करता था। यहां कुछ दिन होटल में रहकर फिर रवाना हो जाते थे। आहूजा हॉस्पिटल में सात से आठ ट्रांसप्लांट होने की बात सामने आ रही है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाॅफ हवाई जहाज से शहर आते थे। परवेज सैफी ने कुछ होटलों और नर्सिंगहोम की जानकारी दी है। एनसीआर के कुछ अस्पतालों के बारे में आरोपियों के जुड़े होने की संभावना जताई है। पुलिस की पांच टीमें एनसीआर भेजी गई हैं। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि डाॅ. रोहित, डॉ. अजफल और मुदस्सर अली सिद्दीकी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इनके साथ ही फरार चल रहे नामजद आरोपी डॉ. वैभव, डाॅ. अंकित और नवीन पांडेय की भी तलाश की जा रही है।
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पुलिस को आहूजा हॉस्पिटल के स्टाफ शिवम अग्रवाल के मोबाइल से रिकार्डिंग बरामद हुई है, जिसमें वह प्रयागराज के नवीन पांडेय से बातचीत कर रहा है। नवीन पांडये डॉ. रोहित के लिए एनसीआर क्षेत्र में डोनर व रिसीवर तलाशने का कार्य करता है। रिकार्डिंग 19 नवंबर 2025 की है। इसमें शिवम और नवीन एक महिला की मौत होने की बात कर रहे हैं। शिवम नवीन से कह रहा है कि जिस महिला को कानपुर से दिल्ली के अस्पताल भेजा गया था। उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। महिला की रावतपुर के नर्सिंगहोम में किडनी ट्रांसप्लांट की गई।
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हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भेजा गया। रिकार्डिंग में दोनों ने डॉ. रोहित का नाम लिया और कहा कि महिला के परिजनों को मैनेज किया जाए। वह अस्पताल के बाहर हंगामा कर रहे हैं। रिकार्डिंग से पुलिस को पता चला है कि ट्रांसप्लांट कराने के बाद एक महिला की मौत भी हुई है, लेकिन वह कहां की है इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। नर्सिंगहोम और स्वास्थ्य विभाग के पास भी किसी तरह के कोई रिकार्ड नहीं है। दिल्ली के बड़े अस्पताल के पास कुछ न कुछ जानकारी होने की संभावना है, जिसके लिए उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी थी। साथ ही पुलिस को जेल भेजे गए ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार तोमर ने पूछताछ में बताया है कि उनकी डॉ. रोहित, डॉ. अली से अस्पताल की दूसरी ब्रांच में मुलाकात हुई थी। वहां के एक स्टाफ भी साथ में थे। पुलिस उसकी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
डाॅ. रोहित, डॉ. अजफल, मुदस्सर अली सिद्दीकी पर 25-25 हजार का इनामएनसीआर के अस्पताल को नोटिस भेजा जाएगा। अभी टीमें जांच कर रही हैं। अस्पताल का नाम सीधे तौर पर कहीं भी लिखा पढ़ी में नहीं आ रहा है। कोई ठोस साक्ष्य भी नहीं मिले हैं। - एमएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम ने फरार चल रहे डाॅ. रोहित, डॉ. अजफल और मुदस्सर अली सिद्दीकी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इनके साथ ही फरार चल रहे नामजद आरोपी डॉ. वैभव, डाॅ. अंकित और नवीन पांडेय की भी तलाश में पांच टीमें एनसीआर भेजी गई हैं। यह दिल्ली के अलावा उत्तराखंड भी जाएंगी। दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड पुलिस को सभी छह की डिटेल भेजी है।
केशवपुरम के आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को हुए किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से अब तक नौ लोगों को जेल भेजा गया है। जेल जाने वालों में डॉ. सुरजीत आहूजा, डाॅ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप कुमार राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी हैं। पुलिस ने सात अप्रैल को परवेज सैफी को रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम के मुताबिक डॉ. अफजल के साथ ही परवेज सैफी कानपुर और लखनऊ आया जाया करता था। यहां कुछ दिन होटल में रहकर फिर रवाना हो जाते थे। आहूजा हॉस्पिटल में सात से आठ ट्रांसप्लांट होने की बात सामने आ रही है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाॅफ हवाई जहाज से शहर आते थे। परवेज सैफी ने कुछ होटलों और नर्सिंगहोम की जानकारी दी है। एनसीआर के कुछ अस्पतालों के बारे में आरोपियों के जुड़े होने की संभावना जताई है। पुलिस की पांच टीमें एनसीआर भेजी गई हैं। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि डाॅ. रोहित, डॉ. अजफल और मुदस्सर अली सिद्दीकी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इनके साथ ही फरार चल रहे नामजद आरोपी डॉ. वैभव, डाॅ. अंकित और नवीन पांडेय की भी तलाश की जा रही है।