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कानपुर: भाभी को जिंदा जलाने वाले देवर व भतीजे को उम्रकैद, पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
Sat, 23 Oct 2021 01:15 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:15 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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मकान के बंटवारे के विवाद में भाभी को जलाकर मार डालने वाले देवर और उसके बेटे को अपर जिला जज 12 विनय कुमार सिंह ने उम्रकैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी व ओमेंद्र दीक्षित ने बताया कि ब्रह्मनगर निवासी पवन कुमार गुप्ता और उसके भाई सरवन के बीच मकान के बंटवारे को लेकर मनमुटाव चल रहा था।
27 मार्च 2016 की सुबह पवन की पत्नी रेखा आंगन में लगे पेड़ की पत्तियां इकट्ठा कर उसे जला रही थी। तभी सरवन और उसका बेटा अश्वनी आया और गाली-गलौज करते हुए रेखा को आग में धकेल दिया। चीख-पुकार सुनकर पवन और उसके बेटे अमन ने आग बुझाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां नौ अप्रैल को रेखा की मौत हो गई थी।
पवन ने सरवन और अश्वनी के खिलाफ नजीराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रेखा के मजिस्ट्रेट के सामने मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज हुए थे। पवन और अमन समेत 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सरवन व अश्वनी को सजा सुनाई।
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27 मार्च 2016 की सुबह पवन की पत्नी रेखा आंगन में लगे पेड़ की पत्तियां इकट्ठा कर उसे जला रही थी। तभी सरवन और उसका बेटा अश्वनी आया और गाली-गलौज करते हुए रेखा को आग में धकेल दिया। चीख-पुकार सुनकर पवन और उसके बेटे अमन ने आग बुझाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां नौ अप्रैल को रेखा की मौत हो गई थी।
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पवन ने सरवन और अश्वनी के खिलाफ नजीराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रेखा के मजिस्ट्रेट के सामने मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज हुए थे। पवन और अमन समेत 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सरवन व अश्वनी को सजा सुनाई।
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