UP: गंगाचरण राजपूत का दो-टूक जवाब, भाजपा नहीं छोडूंगा, जब तक आप लात मारकर नहीं निकालेंगे, मचा सियासी भूचाल
Mahoba Politics News: भाजपा के पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने बुंदेलखंड के जल संकट और अवैध खनन पर सवाल उठाकर पार्टी पर दबाव बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दल नहीं बदलेंगे, लेकिन जनता के हितों की लड़ाई जारी रखेंगे।
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बुंदेलखंड में पेयजल समस्या समेत विभिन्न मुद्दों को उठाने वाले पूर्व सांसद व भाजपा नेता गंगाचरण राजपूत की फेसबुक पोस्ट से एक बार फिर सियासत गरमा गई है। पेयजल की समस्या उठाने पर आ रहे दबाव के बाद पूर्व सांसद ने अपनी फेसबुक आईडी पर पोस्ट लिखा है। मैं शपथ लेता हूं….भाजपा नहीं छोडूंगा। जब तक आप लात मारकर नहीं निकालेंगे, लेकिन बुंदेलखंड की जनता के लिए अब बोलूंगा और मरते दम तक बोलता रहूंगा।
पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत के बेटे बृजभूषण राजपूत विधानसभा चरखारी से भाजपा के विधायक हैं। चार माह पहले उन्होंने जिला भ्रमण पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का काफिला रोक लिया था। चरखारी विधायक ने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में खोदी गईं सड़कें दुरुस्त न किए जाने और अधिकांश गांवों में पानी न पहुंचने की समस्या बताई थी। यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चित रहा।
जीवन मिशन की खामियां उजागर की
एक दिन पहले विधायक के पिता पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति के जल जीवन मिशन की समस्या उठाने पर फेसबुक पर पोस्ट की। इसमें लिखा कि जब बृजभूषण राजपूत ने जल जीवन मिशन की खामियां उजागर की, तो उन्हें बागी कहा गया। अब हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति भी जल जीवन मिशन की समस्या उठा रहे हैं।
क्या सब विधायक बागी हो गए?
ज्यादातर यूपी के विधायक अपने-अपने क्षेत्र की पानी की समस्या उठा रहे हैं, तो क्या सब विधायक बागी हो गए, लेकिन जलशक्ति मंत्री कह रहे हैं ऑल इज वेल। क्या अनुशासन के नाम पर बुंदेलखंड के लोगों को मरने के लिए छोड़ दूं, कुछ न बोलूं। जंगल साफ हो गए इससे बुंदेलखंड विश्व में सबसे ज्यादा गर्म हो गया। अवैध खनन से नदियां समाप्त होने की कगार पर हैं। जगह-जगह जलधारा टूट रही है।
जंगल, पहाड़ व नदियों को बचाने की भी अपील
इन सभी समस्याओं को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर लिखित रूप से बता चुके हैं। बुंदेलखंड के हालात पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अत्यधिक गर्मी के चलते नदियों का पानी भाप बनकर उड़ रहा है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि मेरी संपत्ति जब्त करा लो, मेरा महल छीन लो, मुझे और बेटे को जेल में डाल दो, लेकिन मैं बुंदेलखंड की जनता को मरने के लिए अकेला नहीं छोड़ सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुंदेलखंड के जंगल, पहाड़ व नदियों को बचाने की भी अपील की।
दल बदलने की बात कही जा रही
उधर, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत का कहना है कि वह बुंदेलखंड की समस्या लगातार उठा रहे हैं। ऊपर से दल बदलने की बात कही जा रही है, जिसके बाद उन्होंने यह पोस्ट लिखी है। वह एफिडेविट दे सकते हैं कि भाजपा नहीं छोड़ेंगे लेकिन बुंदेलखंड की समस्या उठाते रहेंगे। पूरे प्रदेश के विधायक जल जीवन मिशन की समस्या उठा रहे हैं तो क्या सभी बागी हो गए। उन्होंने सपा सरकार में भी धरना प्रदर्शन किए। उन पर और बेटे पर मुकदमे लगे। वह बुंदेलखंड की लड़ाई लड़ते रहेंगे।