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Kanpur News: प्री-बोर्ड परीक्षा के पहले दिन कहीं लगी प्रदर्शनी, तो कहीं धूप में चले गए शिक्षक
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राजकीय बालिका विद्यालय इंटर काॅलेज चुन्नीगंज में प्रदर्शनी देखते डीएम।
- फोटो : संवाद
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कानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाओं से पहले 10वीं और 12वीं के छात्रों को तैयारी कराने के लिए आयोजित की गई प्री-बोर्ड परीक्षाएं लापरवाही की भेंट चढ़ गईं। कुछ स्कूल में सरकारी प्रदर्शनी के कारण परीक्षा का आयोजन ही नहीं किया गया। वहीं कई स्कूलों में छात्रों को पेपर बांट कर शिक्षक धूप में निकल गए। मौके का फायदा उठाते कई छात्र आराम से नकल करते रहे।
बोर्ड परीक्षार्थियों की मजबूत तैयारी के लक्ष्य से नौ जनवरी से शुरू हुई इन प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 91 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन परीक्षाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों की विषयवार समीक्षा कर कमजोरियों को पहचानना और फिर 15 दिनों तक अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर उन्हें बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करना है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र भी जारी किए गए थे और सभी स्कूलों को अपने स्तर पर परीक्षा का आयोजन करना था। हालांकि, कई स्कूलों ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया।
शुक्रवार को हुई परीक्षाओं में 10वीं कक्षा के लिए हिंदी व प्रारंभिक हिंदी तथा 12वीं कक्षा के लिए हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक आयोजित की जानी थीं। वहीं दोपहर 1:30 से शाम 4:30 बजे तक 12वीं कक्षा के लिए शिक्षाशास्त्र और मनोविज्ञान विषयों की परीक्षा होनी थी। राजकीय बालिका विद्यालय इंटर काॅलेज चुन्नीगंज में तो परीक्षा शुरू ही नहीं हुई। नवप्रवर्तन प्रदर्शनी होने की वजह से वहां कार्यक्रम का संचालन ही होता रहा। प्रधानाचार्य मंगलम गुप्ता ने बताया कि शनिवार से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू करा देंगे।
वहीं मथुरा में शिक्षक संघ के सम्मेलन में काफी शिक्षकों के शामिल होने के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी देखी गई। ऐसे में अधिकांश स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं केवल एक औपचारिकता बनकर रह गईं। कुछ स्कूलों में तो शिक्षकों ने छात्रों को प्रश्नपत्र बांटने के बाद परीक्षा हॉल से किनारा कर लिया जिसका फायदा उठाते हुए कई छात्र आराम से नकल करते देखे गए। शनिवार को 10वीं कक्षा में अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और दोपहर में 12वीं कक्षा में नागरिक शास्त्र की परीक्षाएं होनी हैं।
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बोर्ड परीक्षार्थियों की मजबूत तैयारी के लक्ष्य से नौ जनवरी से शुरू हुई इन प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 91 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन परीक्षाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों की विषयवार समीक्षा कर कमजोरियों को पहचानना और फिर 15 दिनों तक अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर उन्हें बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करना है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र भी जारी किए गए थे और सभी स्कूलों को अपने स्तर पर परीक्षा का आयोजन करना था। हालांकि, कई स्कूलों ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया।
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शुक्रवार को हुई परीक्षाओं में 10वीं कक्षा के लिए हिंदी व प्रारंभिक हिंदी तथा 12वीं कक्षा के लिए हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक आयोजित की जानी थीं। वहीं दोपहर 1:30 से शाम 4:30 बजे तक 12वीं कक्षा के लिए शिक्षाशास्त्र और मनोविज्ञान विषयों की परीक्षा होनी थी। राजकीय बालिका विद्यालय इंटर काॅलेज चुन्नीगंज में तो परीक्षा शुरू ही नहीं हुई। नवप्रवर्तन प्रदर्शनी होने की वजह से वहां कार्यक्रम का संचालन ही होता रहा। प्रधानाचार्य मंगलम गुप्ता ने बताया कि शनिवार से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू करा देंगे।
वहीं मथुरा में शिक्षक संघ के सम्मेलन में काफी शिक्षकों के शामिल होने के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी देखी गई। ऐसे में अधिकांश स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं केवल एक औपचारिकता बनकर रह गईं। कुछ स्कूलों में तो शिक्षकों ने छात्रों को प्रश्नपत्र बांटने के बाद परीक्षा हॉल से किनारा कर लिया जिसका फायदा उठाते हुए कई छात्र आराम से नकल करते देखे गए। शनिवार को 10वीं कक्षा में अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और दोपहर में 12वीं कक्षा में नागरिक शास्त्र की परीक्षाएं होनी हैं।