Orai: शिष्य की पत्नी को नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म करने वाले तांत्रिक को आजीवन कारावास, 50 हजार अर्थदंड
Orai News: शिष्य की पत्नी को नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने तांत्रिक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत ने दोषी रमाकांत तिवारी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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कैलिया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ विश्वास और आस्था की आड़ में एक तांत्रिक ने घिनौनी करतूत को अंजाम दिया। शिष्य की पत्नी को नशीली दवा खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने तांत्रिक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत ने दोषी पर कुल 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत के आदेश के अनुसार, अर्थदंड की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
क्या था पूरा मामला?
कैलिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने चार जून 2023 को थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि थाना क्षेत्र के बरहल गांव निवासी रमाकांत तिवारी उसका गुरु (तांत्रिक) है। दो जून को रमाकांत तिवारी उसके घर आया था और उसने उसे तथा उसकी पत्नी को गुरुमंत्र दिया था। अगले दिन जब वह मजदूरी करने के लिए जालौन चला गया, तब गुरु रमाकांत तिवारी उसके घर पर ही रुका हुआ था।
आरोप था कि इस दौरान रमाकांत ने घर में हवन-पूजन और झाड़फूंक का नाटक किया। इसके बाद रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उसने सुनियोजित तरीके से पीड़िता (शिष्य की पत्नी) को कोई नशीली दवा खिलाकर बेहोश कर दिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन जब पति मजदूरी से वापस घर लौटा, तो पीड़िता ने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। इसके तुरंत बाद पति अपनी पत्नी को लेकर थाने पहुंचा और आरोपी तांत्रिक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
सात गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सजा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए, जिनमें वादी, पीड़िता, मेडिकल परीक्षण करने वाले चिकित्सक, विवेचक और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद रमाकांत तिवारी को दोषी करार दिया।
अदालत का फैसला
विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत ने आरोपी रमाकांत तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी द्वारा जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को मुख्य सजा में समायोजित किया जाएगा तथा अर्थदंड की कुल राशि का आधा हिस्सा पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिया जाएगा।