UP: ‘कानून के शिकंजे में टूटा रसूख’, सजा सुनते ही कांपने लगा कमलेश पाठक, फफक पड़े दोषी, औरैया दोहरा हत्याकांड
Auraiya Double Murder Case: औरैया दोहरे हत्याकांड मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई संतोष पाठक, रामू पाठक समेत सभी 10 दोषियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट का यह फैसला आते ही दोषी फफक कर रो पड़े, जबकि पीड़ित परिवार ने इसे न्याय की बड़ी जीत बताया है।
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विस्तार
औरैया जिले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर चचेरे भाई-बहन की हत्या में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और नाै अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में कमलेश के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भाई संतोष पाठक व रामू पाठक भी शामिल हैं।
जज विनय प्रकाश ने जैसे ही कोर्ट में फैसला सुनाया कमलेश बुरी तरह कांपने लगा। उसे पास खड़े लोगों ने सहारा दिया। सजा की जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो वह भी फूट-फूट कर रोने लगे। वादी आशीष व उनके परिवार ने इसे न्याय की जीत बताया।
असलहे लेकर पहुंचे थे दोषी
15 मार्च 2020 को करीब 3ः30 बजे मोहल्ला नारायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर की जमीन पर कब्जे की नीयत से पूर्व विधान परिषद सदस्य कमलेश पाठक, उसके भाई संतोष पाठक, रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी और राजेश शुक्ला समेत अन्य लोग असलहे लेकर पहुंचे थे।
चचेरी बहन की गोली लगने से हो गई थी मौत
विरोध करने पर आरोपियों ने यहां फायरिंग की। इसमें मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने से संजय चौबे, आशीष समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमलावरों ने बीच-बचाव करने आई पुलिस टीम पर भी फायरिंग की थी और बाजार में दहशत फैला दी थी।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ठहराया दोषी
करीब छह साल पांच महीने तक चली कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। इससे पहले दोनों पक्षों की दलीलों को कोर्ट ने सुना। बुधवार को हत्या, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट में सजा सुनाई गई। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कमलेश पाठक, रामू, संतोष, कुलदीप, विकल्प अवस्थी, भगवताचार्य राजेश शुक्ला, सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी और रवींद्र उर्फ लला चौबे को दोषी ठहराया।
इस मामले में इतनी सजा
कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपियों को उम्र व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड, हत्या के प्रयास में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड, बलवा में दो साल, धमकी देने में तीन साल की सजा सुनाई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तीसरे मामले में कमलेश, संतोष, विकल्प उर्फ चैनू अवस्थी को सात-सात वर्ष का सश्रम कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
आधी धनराशि मृतकों के परिजन को प्रदान की जाएगी
इसी मामले में रामू, आशीष दुबे, भागवताचार्य राजेश शुक्ला को तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड, कुलदीप अवस्थी, रवींद्र उर्फ लला चौबे को छह-छह माह की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि अर्थदंड की संपूर्ण राशि में से आधी धनराशि मृतक मंजुल चौबे और सुधा चौबे के परिजन को प्रदान की जाएगी।
नौ बजे ही पहुंच गए थे समर्थक
पूर्व विधान परिषद सदस्य को सजा सुनाए जाने को लेकर उसके समर्थक बुधवार को कोर्ट खुलने के पहले ही सुबह नौ बजे से ही पहुंच गए थे। सुनवाई के दौरान आरोपियों के परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समर्थक भी मौजूद रहे। जबकि वादी पक्ष के लोग अपने अधिवक्ता के चैंबर में बैठे रहे।
कड़ी सुरक्षा का रहा घेरा
पूर्व विधान परिषद सदस्य को सजा सुनाए जाने को लेकर न्यायालय परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम रखे गए थे। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी में पुलिस उपाधीक्षक बिधूना पी पुनीत मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक सिटी शैलेंद्र सिंह, पुलिस उपाधीक्षक अजीतमल मनोज गंगवार के साथ चार थाने अजीतमल कोतवाली, सदर कोतवाली, दिबियापुर, सहार थाने के फोर्स के साथ पुलिस लाइन से रिजर्व फोर्स, एक बटालियन पीएसी मौजूद रही। आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के घेरे में न्यायालय में पेश किया गया।