फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Auraiya Unsteady steps and look of dejection Kamlesh Pathak could not stand upright for even 10 minutes

Kamlesh Pathak: ‘कठघरे में लड़खड़ाए कदम और चेहरे पर थी मायूसी’, 10 मिनट भी सीधे नहीं खड़ा हो सका पूर्व एमएलसी

Thu, 20 Aug 2026 09:07 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 20 Aug 2026 09:07 AM IST
सार

Auraiya Double Murder Case: औरैया की एमपी-एमएलए कोर्ट में सजा सुनाए जाने के दौरान पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक की घबराहट साफ तौर पर देखने को मिली। दोष सिद्ध होने के बाद वह 10 मिनट भी ठीक से खड़े नहीं हो सके और पसीना-पसीना नजर आए, जिसके बाद समर्थकों ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया। 

विज्ञापन
Auraiya Unsteady steps and look of dejection Kamlesh Pathak could not stand upright for even 10 minutes
Auraiya Double Murder Case - फोटो : amar ujala

विस्तार

औरैया जिले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित सभी आरोपी कठघरे में खड़े किए गए। न्यायाधीश ने दोष सिद्ध किया। इसके बाद से वह 10 मिनट भी ठीक तरह से खड़ा नहीं हो सका। सजा सुनाए जाने से पहले सभी आरोपी पसीना-पसीना नजर आए। इस पर कमलेश के लिए कोई समर्थक तौलिया तो कोई पानी की बोतल ले आया।

विज्ञापन

दोष सिद्ध होने के बाद पूर्व एमएलसी के लड़खड़ाने पर उसके एक समर्थक अधिवक्ता ने कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद सभी आरोपी एक-दूसरे से दोष सिद्ध होने पर चर्चा करते रहे। फैसला आने के बाद पसीना पोछने के लिए किसी ने समर्थक ने तौलिया, तो किसी ने रुमाल दिया। इसके अलावा ब्रांडेड पानी की बोतल कमलेश को दी गई। फैसला सुनाए जाने के बाद पूर्व एमएलसी अपनी गर्दन झुकाए रहा।

विज्ञापन





दोष सिद्ध होने के बाद निकले समर्थकों ने किया गुमराह
एमपी-एमएलए कोर्ट में न्यायाधीश ने 11 में से 10 आरोपियों पर दोषी सिद्ध किया। इसके बाद वह लंच पर चले गए। यह सुनकर सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के समर्थक जैसे ही बाहर आए तो उन्होंने साथियों से कहा कि बच गए। ऐसे में समर्थकों ने राहत की सांस ली।

सजा को लेकर चर्चा करते नजर आए सभी
कुछ ही मिनट बाद जैसे ही वादी आशीष कुमार बाहर निकले, तो उन्होंने अपने पक्ष को बताया कि 10 आरोपियों पर दोष सिद्ध कर दिया गया है। लंच के बाद सजा सुनाई जाएगी। यह सुनकर पूर्व एमएलसी के समर्थकों के चेहरे पर निराशा छा गई। इसके बाद सभी आपस में सजा को लेकर चर्चा करते नजर आए।

विज्ञापन

पुलिसकर्मियों ने कोर्ट में घुसने नहीं दिया
कमलेश पाठक, उसका भाई रामू, संतोष सहित 10 आरोपी कोर्ट में जैसे ही घुसे तो कुछ समर्थक पहले ही कोर्ट के अंदर पहुंच गए थे। पुलिस ने कई लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं निकले। इसके बाद बिधूना सीओ पी पुनीत मिश्रा खुद ही गेट पर खड़े हो गए। किसी को घुसने नहीं दिया।

अंदर जाने की जिद पर अड़ी रही महिला
वहीं खासकर महिलाएं कोर्ट के अंदर जाने के लिए ज्यादा परेशान दिखाई दीं। एक महिला समर्थक कोर्ट के अंदर बार-बार घुसने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पुलिस की सख्ती से उसकी एक न चली। महिला दरोगा व एक कांस्टेबल उसे लगातार समझाते रहे, लेकिन वह अंदर जाने की जिद पर अड़ी रही।

कुलदीप का बेटा नहीं पहुंच सका अंदर
बर्खास्त शिक्षक कुलदीप का बेटा विकल्प उससे मिलने के लिए कोर्ट पहुंचा था। आरोपियों के समर्थक अधिवक्ताओं ने विकल्प को अंदर तक भेजा। इसी बीच पुलिसकर्मियों ने उसकी पूरी तलाशी ली, लेकिन सीओ बिधूना ने उसे बाहर कर दिया। इसके चलते वह मिल नहीं पाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed