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UP: गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करने गए किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, शव घर के बाहर छोड़ भागे कार सवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 22 Apr 2026 06:25 PM IST
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बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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महाराजपुर थानाक्षेत्र के गैरिया गांव निवासी मजदूर नरेंद्र कुमार द्विवेदी उर्फ पप्पू रूमा स्थित एक निजी फैक्टी में मजदूरी करके अपना तथा अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। अपने इकलौते बेटे तथा बेटी को काबिल बनाने के लिए खेती किसानी से लेकर मजदूरी तक का सफर रोजाना तय करने वाले मजदूर नरेंद्र को क्या पता था कि जिस बच्चे को पाल पोसकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुकुल भेज रहा है वहां से उसका शव वापस आएगा।
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नरेंद्र कुमार ने बताया कि घर की माली हालत ठीक नहीं है। घर में एक 13 वर्ष की बेटी दीपिका तथा एक 11 वर्षीय बेटा दिव्यांश था। बच्चे की पढ़ाई में लगने वाले खर्च को लेकर अक्सर परेशान रहने वाले नरेंद्र को संजीव नगर निवासी एक रिश्तेदार ने लखनऊ के आलम नगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल स्कूल के बारे में बताया कि यहां पढ़ने वाले बच्चे का कोई भी किसी तरह का शुल्क नहीं लगता है। निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। मजबूर पिता ने सोचा कि बच्चा वैदिक शिक्षा लेकर गांव में साथ रहेगा और पुरोहित का कार्य कर मेरे बुढ़ापे का सहारा बनेगा।
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पीड़ित नरेंद्र ने बताया कि बेटी अपने एक रिश्तेदार के साथ बच्चे को लेकर बीते 15 अप्रैल को गुरुकुल में दाखिला करा कर आई थी। रोजाना बच्चे से फोन पर बात हो रही थी मंगलवार की सुबह भी बच्चे से बहन दीपिका की बातचीत हुई जिसमें बच्चा खुश था। अचानक बुधवार की सुबह एक रिश्तेदार का फोन आया कि बच्चा दिव्यांश सीढ़ियों से नीचे गिर गया है और चोट आ गई है। जब परिजन लखनऊ जाने की तैयारी करने लगे तब तक सुबह करीब नौ बजे एक कार से गुरुकुल का संचालक कन्हैया मिश्रा बच्चे को लेकर आया और घर से कुछ दूरी पर ही छोड़ कर भाग निकला।
जब परिजनों ने चादर में लिपटे बच्चे के घाव देखे तो होश उड़ गए आनन फानन में बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल ले जाया गया जहां से उसे हैलट के लिए रेफर किया गया लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं। परिजनों ने बताया कि बच्चे का ऐसा कोई अंग नहीं है जहां पर चोट के निशान नहीं हैं। सिगरेट से दागने के निशान लग रहे हैं। सूचना पर पहुंची एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा, एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय सहित फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए हैं।

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