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Farrukhabad: 15 साल पुराने हत्या के मामले में दो भाइयों समेत तीन को उम्रकैद, 2.70 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
Thu, 13 Aug 2026 08:15 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 13 Aug 2026 08:15 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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करीब 15 साल पुराने हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) तरुण कुमार सिंह ने फरमान, उसके भाई सलमान और परविंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर उन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। जनपद कांशीरामनगर के नगला ताल मझोला निवासी नवी आलम को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला टिलिया ग्वालटोली निवासी भगवती देवी ने 30 जून 2011 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि फरमान, उसका भाई सलमान और परविंद उनके पुत्र संतोष कुमार को बाजार ले जाने के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे। संतोष देर शाम तक नहीं लौटा। दो दिन बाद रजीपुर रेलवे ट्रैक के पास एक क्षत-विक्षत शव मिला। संतोष के भाई रामसेवक को अखबार की खबर पढ़कर शव की पहचान का शक हुआ। परिजन ने फोटोग्राफर रामानंद से शव की फोटो देखकर संतोष के रूप में पहचान की। उन्होंने आरोप लगाया कि संतोष की हत्या कर आत्महत्या दिखाने के लिए शव रेलवे ट्रैक पर डाला गया।
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पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने समेत एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने मामले में हत्या और साक्ष्य मिटाने समेत एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। अभियोजन ने न्यायालय में 15 गवाह पेश किए। न्यायालय ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फरमान, सलमान और परविंद को 6 अगस्त को दोषी करार दिया था।