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Farrukhabad News: दिलीप की मड़ैया से टकरा रही धार, घर खाली करने के लिए कराई मुनादी
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फर्रुखाबाद। सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया में गंगा की धार सीधी टकरा रही है। अब 10-12 पक्के मकान और झोपड़ी ही बची हैं। गांव से अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं। चंद दिनों में गांव का अस्तित्व खत्म होना तय माना जा रहा है। लेखपाल ने गांव खाली कराने के लिए मुनादी करवा दी है।
बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर प्रशासनिक अमले के साथ गांव पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों का दर्द सुना। उन्हें भोजन कराया। बच्चों को बिस्किट व नमकीन दी। पीड़ितों को हर सहायता का भरोसा दिया।
फिलहाल गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान में कमी आई है। लेकिन गंगा की तेज धार गांव से सीधी टकराने से बचे मकानों का बचना मुश्किल है। ग्राम प्रधान रामौतार के पुत्र महाराम और लेखपाल रामवरन ने गांव खाली करने के लिए मुनादी करवा दी है। गांव के अभी तक 31 मकान बाढ़ में कट चुके हैं। लोग रिश्तेदारियों व अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।
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डीएम दिलीप और धौली की मड़ैया पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक टीमें तैयार हैं। जिन ग्रामीणों के घर कट चुके हैं, उनके खाते में शीघ्र धनराशि भेजी जाएगी। कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा। उनके साथ एडीएम अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार, बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर विक्रम सिंह चौहान आदि अधिकारी थे।
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दौली की मड़ैया के 47 मकानों को भी खतरा
फर्रुखाबाद। दिलीप की मड़ैया से बमुश्किल 200 मीटर दूरी पर गंगा किनारे बसे दौली की मड़ैया के 47 मकानों को भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का अनुमान है कि जैसे ही जलस्तर कम होगा, कटान में तेजी जाएगी। दिलीप की मड़ैया का अस्तित्व खत्म होते ही गंगा की धार दौली की मड़ैया की ओर कटान करने लगेगी। दौली की मड़ैया में अभी तक ग्रामीण मकानों से सामान नहीं निकाल सके हैं। बुधवार को कई ग्रामीण वाहनों और सामान को नाव से बाहर निकालने में जुटे रहे।
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बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर प्रशासनिक अमले के साथ गांव पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों का दर्द सुना। उन्हें भोजन कराया। बच्चों को बिस्किट व नमकीन दी। पीड़ितों को हर सहायता का भरोसा दिया।
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फिलहाल गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान में कमी आई है। लेकिन गंगा की तेज धार गांव से सीधी टकराने से बचे मकानों का बचना मुश्किल है। ग्राम प्रधान रामौतार के पुत्र महाराम और लेखपाल रामवरन ने गांव खाली करने के लिए मुनादी करवा दी है। गांव के अभी तक 31 मकान बाढ़ में कट चुके हैं। लोग रिश्तेदारियों व अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।
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डीएम दिलीप और धौली की मड़ैया पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक टीमें तैयार हैं। जिन ग्रामीणों के घर कट चुके हैं, उनके खाते में शीघ्र धनराशि भेजी जाएगी। कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा। उनके साथ एडीएम अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार, बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर विक्रम सिंह चौहान आदि अधिकारी थे।
दौली की मड़ैया के 47 मकानों को भी खतरा
फर्रुखाबाद। दिलीप की मड़ैया से बमुश्किल 200 मीटर दूरी पर गंगा किनारे बसे दौली की मड़ैया के 47 मकानों को भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का अनुमान है कि जैसे ही जलस्तर कम होगा, कटान में तेजी जाएगी। दिलीप की मड़ैया का अस्तित्व खत्म होते ही गंगा की धार दौली की मड़ैया की ओर कटान करने लगेगी। दौली की मड़ैया में अभी तक ग्रामीण मकानों से सामान नहीं निकाल सके हैं। बुधवार को कई ग्रामीण वाहनों और सामान को नाव से बाहर निकालने में जुटे रहे।