काल बनकर आया डंपर, तीन को सुला गया मौत की नींद
-हैलट में जिदंगी के लिए संघर्ष कर रहे घायल
-सड़क के किनारे लोडर से स्टेपनी बदल रहे थे सभी
-लोडर को टक्कर मारकर भागा चालक डंपर समेत
-देर रात पनकी के फ्लाईओवर पर हुआ हादसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काल बनकर आया डंपर और लील गया जिंदगी
काल बनकर आया डंपर और लील गया जिंदगी
हादसे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को हैलट भेजा। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लोडर चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। अस्पताल में तीन लोग जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर क्षतिग्रस्त डंपर को कब्जे में लेकर डंपर और चालक की तलाश शुरू कर दी है।
काल बनकर आया डंपर और लील गया जिंदगी
शहर में रहने वाले शेखर अग्रवाल की उन्नाव के मगरवारा में डिस्पोजल ग्लास फैक्ट्री है। यहां मगरवारा निवासी कुंवर बहादुर (45) और क्लीनर राहुल लोडर में डिस्पोजल ग्लास लादकर फैक्ट्री से आगरा जा रहे थे। पनकी में ए-टू जेड प्लांट के सामने हाइवे के फ्लाई ओवर पर लोडर का एक टायर पंचर हो गया। स्टेपनी न होने पर कुंवर बहादुर ने फैक्ट्री प्रबंधन के लोगों से कहा कि दूसरे लोडर से किसी को स्टेपनी लेकर भेज दें, ताकि टायर को बदला जा सके।
काल बनकर आया डंपर और लील गया जिंदगी
इसके बाद फैक्ट्री में कार्यरत मगरवारा निवासी चालक मकरंद सिंह (40) और गंगाघाट उन्नाव के लालता खेड़ा गांव निवासी फैक्ट्री के गनमैन रामसेवक (46) के साथ दूसरे लोडर से स्टेपनी लेकर वहां पहुंच गए। सभी लोग स्टेपनी बदल रहे थे। इसी दौरान रामसेवक ने मदद के लिए मसरूम लेकर हाथरस से गोरखपुर जा रहे एक लोडर को रोक लिया। चालक सादाबाद हाथरस के नहना उर्फ राशिद (25) और क्लीनर भूप सिंह भी लोटर से उतर कर उन लोगों की मदद करने लगे। इसी दौरान कानपुर की तरफ से जा रहे डंपर ने सड़क के किनारे खड़े सभी लोगों को कुचल दिया।