{"_id":"6989c4db2fa11bd80a0d5cad","slug":"three-officers-including-deputy-commissioner-of-industries-suspended-for-involvement-in-illegal-extortion-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur: अवैध वसूली में संलिप्त उपायुक्त उद्योग सहित तीन अधिकारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur: अवैध वसूली में संलिप्त उपायुक्त उद्योग सहित तीन अधिकारी निलंबित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 09 Feb 2026 05:01 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
जिला उद्योग कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन और पत्रावली निस्तारण के नाम पर अवैध वसूली में संलिप्त पाए जाने पर शासन ने प्रभारी उपायुक्त उद्योग सहित सहायक प्रबंधक व जिला प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह कार्रवाई सीडीओ व एडीएम की दो सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मची है।
जिला उद्योग कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन और पत्रावली निस्तारण के नाम पर धन उगाही किए जाने की शिकायत काफी समय से लाभार्थी कर रहे थे। लगातार शिकायतों के प्राप्त होने पर डीएम ने मामले का संज्ञान लेकर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि विभिन्न सरकारी योजनाओं में इन अधिकारियों की मिलीभगत से ऑनलाइन आवेदन, फाइल निस्तारण और सब्सिडी दिलाने के नाम पर अवैध तरीके से धन उगाही की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में भृष्टाचार के ठोस सबूत मिलने पर समिति ने कठोर कार्रवाई की संस्तुति की थी।
इसकी रिपोर्ट करीब एक माह पूर्व शासन को भेज दी गई थी। इसके बाद शासन ने निलंबन के साथ ही संबंधित तीन अधिकारियों प्रभारी उपायुक्त उद्योग रवि वर्मा, सहायक प्रबंधक संतोष राव और जिला प्रबंधक मिलन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। सीडीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट एक माह पूर्व ही शासन को भेज दी गई थी। अभी तक शासन से उन्हें ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जानकारी की जाएगी।
Trending Videos
जिला उद्योग कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन और पत्रावली निस्तारण के नाम पर धन उगाही किए जाने की शिकायत काफी समय से लाभार्थी कर रहे थे। लगातार शिकायतों के प्राप्त होने पर डीएम ने मामले का संज्ञान लेकर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि विभिन्न सरकारी योजनाओं में इन अधिकारियों की मिलीभगत से ऑनलाइन आवेदन, फाइल निस्तारण और सब्सिडी दिलाने के नाम पर अवैध तरीके से धन उगाही की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में भृष्टाचार के ठोस सबूत मिलने पर समिति ने कठोर कार्रवाई की संस्तुति की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसकी रिपोर्ट करीब एक माह पूर्व शासन को भेज दी गई थी। इसके बाद शासन ने निलंबन के साथ ही संबंधित तीन अधिकारियों प्रभारी उपायुक्त उद्योग रवि वर्मा, सहायक प्रबंधक संतोष राव और जिला प्रबंधक मिलन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। सीडीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट एक माह पूर्व ही शासन को भेज दी गई थी। अभी तक शासन से उन्हें ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जानकारी की जाएगी।