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UP: 2027 में 50 फीसदी सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारेगी बसपा! आशीष पांडेय प्रदेश के पहले उम्मीदवार किए घोषित
पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:31 PM IST
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सार
विधानसभा चुनाव 2027 में बहुजन समाज पार्टी प्रदेश की 50 प्रतिशत सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। होली के बाद पार्टी कानपुर मंडल की 27 सीटों में से करीब 10 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा कर सकती है।
मायावती का चुनाव को लेकर बड़ा प्लान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
यूजीसी प्रकरण के बाद विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक से ब्राह्मण बिरादरी का दखल बढ़ गया है जिससे राजनीतिक दलों खासकर विपक्षी दलों की ओर से इस पर विशेष अमल किया जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी इस पर पकड़ बनाने में सबसे आगे दिखाई दे रही है।
पार्टी प्रमुख मायावती के निर्देशन में पदाधिकारियों की ओर से इस फार्मूले पर काम भी शुरू कर दिया गया है। तय किया गया है कि यूपी में बसपा 40 से 50 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतार सकती है। जालौन के माधौगढ़ सीट से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर चार-चार दावेदारों का पैनल बनाकर उनको कसौटी पर परखा जा रहा है। इन्हीं में से एक को पहले विधानसभा क्षेत्र प्रभारी और बाद में प्रत्याशी घोषित कर दिया जाएगा।
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पार्टी प्रमुख मायावती के निर्देशन में पदाधिकारियों की ओर से इस फार्मूले पर काम भी शुरू कर दिया गया है। तय किया गया है कि यूपी में बसपा 40 से 50 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतार सकती है। जालौन के माधौगढ़ सीट से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।
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बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर चार-चार दावेदारों का पैनल बनाकर उनको कसौटी पर परखा जा रहा है। इन्हीं में से एक को पहले विधानसभा क्षेत्र प्रभारी और बाद में प्रत्याशी घोषित कर दिया जाएगा।
प्रभारी बनाने के बाद उसी को प्रत्याशी घोषित करने के लिए बसपा उसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ा सम्मेलन करेगी। अकेले कानपुर मंडल की बात करें तो यहां कुल 27 विधानसभा सीटें हैं। फिलहाल बसपा के पास यहां एक भी विधायक नहीं है।
होली बाद कानपुर मंडल की 10 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की संभावना
पूरे प्रदेश की बात करें तो प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से बलिया की रसड़ा सीट से एक मात्र उमाशंकर सिंह बसपा विधायक हैं। होली बाद कानपुर मंडल की करीब 10 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा हो सकती है।
पूरे प्रदेश की बात करें तो प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से बलिया की रसड़ा सीट से एक मात्र उमाशंकर सिंह बसपा विधायक हैं। होली बाद कानपुर मंडल की करीब 10 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा हो सकती है।
बसपा इस बार पार्टी ज्यादातर सीटों पर अपनी पकड़ बनाना चाहती है, यही वजह है कि विधानसभा प्रभारियों के नाम फाइनल करने के लिए उसने संगठन में फेरबदल किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नाैशाद अली को कानपुर मंडल सहित आगरा, मेरठ और लखनऊ मंडल का प्रमुख बनाया है।
नौशाद अली की मायावती से लखनऊ में देर तक चली वार्ता
मंगलवार को भी संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नौशाद अली की बसपा प्रमुख मायावती से लखनऊ में देर तक वार्ता चली। उन्होंने बताया कि जल्द ही वह कानपुर मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संभावना है कि होली के तुरंत बाद कानपुर मंडल में कई विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा कर दी जाएगी।
मंगलवार को भी संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नौशाद अली की बसपा प्रमुख मायावती से लखनऊ में देर तक वार्ता चली। उन्होंने बताया कि जल्द ही वह कानपुर मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संभावना है कि होली के तुरंत बाद कानपुर मंडल में कई विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा कर दी जाएगी।
ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित गठजोड़ पर काम कर रही पार्टी
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी संगठन और प्रत्याशियों का पैमाना तैयार किया है। ब्राह्मणों को चुनावी मैदान और मुस्लिम को संगठन के माध्यम से जोड़कर काम करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए अपने कैडर वोट को भी पार्टी साथ लेकर चलेगी।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी संगठन और प्रत्याशियों का पैमाना तैयार किया है। ब्राह्मणों को चुनावी मैदान और मुस्लिम को संगठन के माध्यम से जोड़कर काम करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए अपने कैडर वोट को भी पार्टी साथ लेकर चलेगी।
यही वजह है कि बसपा प्रमुख ने नौशाद अली को प्रदेश के चार मंडलों कानपुर, आगरा, मेरठ और लखनऊ मंडल का प्रमुख बनाया गया है। बताया जा रहा है कि पार्टी पिछड़ों को भी चुनाव मैदान में उतारेगी। बाकी सुरक्षित सीटों पर बसपा का कैडर वोट काम करेगा, ऐसा पार्टी का मानना है।
बसपा ने माधोगढ़ सीट पर घोषित किया ब्राह्मण प्रत्याशी
यूजीसी लागू होने के बाद सवर्णों खासकर ब्राह्मणों को लेकर जिस तरह से उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है, उसे देखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सबसे पहले बसपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं।
यूजीसी लागू होने के बाद सवर्णों खासकर ब्राह्मणों को लेकर जिस तरह से उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है, उसे देखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सबसे पहले बसपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं।
मंगलवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने जालौन के माधोगढ़ सीट के लिए आशीष पांडेय को प्रभारी घोषित किया है। होली के बाद कानपुर मंडल की पांच और विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा करने की तैयारी है।
बसपा प्रमुख ने यूजीसी के फैसले के तुरंत बाद से जिस तरह सवर्णों को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया था, अब वह दिखने भी लगा है। अकेले कानपुर मंडल की 27 विधानसभा सीटों में पार्टी ज्यादातर सीटों पर ब्राह्मण और सवर्णों को उतारने की तैयारी में है। बसपा जिन विधानसभा सीटों पर प्रभारी बनाती है, चुनाव की तिथियों की घोषणा से पहले उन्हीं को प्रत्याशी घोषित करती है।
यानी बसपा का विधानसभा प्रभारी ही प्रत्याशी माना जाता है। पार्टी के लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ मंडल के प्रमुख नाैशाद अली बताते हैं कि ब्राह्मणों को लेकर बसपा का मत स्ष्पट है। बताया कि जल्द ही और सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की जाएगी।
