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UP: जिंदा रहते ग्रामीण ने किया अपना पिंडदान और तेरहवीं संस्कार, बोले- किसी का एहसान या कर्जा नहीं रखना चाहते
Sat, 09 May 2026 10:55 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 09 May 2026 10:55 PM IST
सार
Unnao News: ग्रामीण ने जिंदा रहते अपना पिंडदान और तेरहवीं संस्कार कर डाला। ग्रामीणों को भोज भी कराया। जिसकी क्षेत्र में चर्चा होती रही।
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ग्रामीण ने किया अपना पिंडदान और तेरहवीं संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक व्यक्ति द्वारा जिंदा रहते अपना पिंडदान व तेरहवीं संस्कार के साथ भोज किए जाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। ब्लॉक फतेहपुर चौरासी के गांव पीथनहार निवासी रविंद्र प्रसाद पुत्र स्व. रामदुलारे ने जीवित रहते शनिवार को गांव में अपना तेरहवीं संस्कार विधिविधान के साथ करके गांव वालों को भोज कराया। रविंद्र ने बताया कि वह अविवाहित है। 10 वर्ष की आयु में घर छोड़ दिया था।
25 वर्ष उत्तराखंड में बिताने के बाद वापस आए। जड़ी बूटी की दवा आदि देकर जीविकोपार्जन करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके जीवन के दो उद्देश्य हैं, एक शिव मंदिर का निर्माण व दूसरा अपनी तेरहवीं संस्कार खुद कर देना। तेरहवीं के बारे में बताया कि वह किसी का एहसान या कर्जा नहीं रखना चाहते हैं। शनिवार को आचार्य द्वारा गंगा पर पिंडदान आदि संस्कार कराए गए। उनके तेरहवीं कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष मिथिलेश जायसवाल, अतुल मिश्रा, आनंद कुमार, रामगोपाल पांडेय, रणधीर सिंह, स्वामी शंकर, जुल्फिकार अली, राहुल सहित करीब 500 लोग शामिल हुए।
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25 वर्ष उत्तराखंड में बिताने के बाद वापस आए। जड़ी बूटी की दवा आदि देकर जीविकोपार्जन करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके जीवन के दो उद्देश्य हैं, एक शिव मंदिर का निर्माण व दूसरा अपनी तेरहवीं संस्कार खुद कर देना। तेरहवीं के बारे में बताया कि वह किसी का एहसान या कर्जा नहीं रखना चाहते हैं। शनिवार को आचार्य द्वारा गंगा पर पिंडदान आदि संस्कार कराए गए। उनके तेरहवीं कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष मिथिलेश जायसवाल, अतुल मिश्रा, आनंद कुमार, रामगोपाल पांडेय, रणधीर सिंह, स्वामी शंकर, जुल्फिकार अली, राहुल सहित करीब 500 लोग शामिल हुए।
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