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कांग्रेस में महिलाएं... चुनावी मिशन 40, संगठन में सिर्फ 11 फीसदी
Wed, 20 Oct 2021 08:55 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 20 Oct 2021 08:55 AM IST
सार
कानपुर की तीनों इकाइयों में कुल 142 पदाधिकारी हैं। इनमें महिलाओं की संख्या महज 16 है, जो कुल संख्या का 11.26 फीसदी ही है। महानगर की तीनों इकाइयों में पार्टी की स्थिति को देखते हुए भविष्य में नया लक्ष्य तो दूर, पुराना हासिल हो पाना ही दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महिला मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा की है। इससे पहले यह 35 फीसदी था, लेकिन महानगर उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण इकाई कभी भी इस लक्ष्य के आसपास नहीं फटक पाई।
वर्तमान में महानगर की तीनों इकाइयों में कुल 142 पदाधिकारी हैं। इनमें महिलाओं की संख्या महज 16 है, जो कुल संख्या का 11.26 फीसदी ही है। महानगर की तीनों इकाइयों में पार्टी की स्थिति को देखते हुए भविष्य में नया लक्ष्य तो दूर, पुराना हासिल हो पाना ही दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान भी संगठन के साथ प्रत्याशी चयन में महिलाओं को 35 फीसदी सीटें देने का लक्ष्य रखा गया था। उम्मीदवारी तो छोड़िए, कभी संगठन में भी इस लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सका। पार्टी के संगठन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति आज भी वही है, जो दो-तीन दशक पहले थी।
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80 के दशक के बाद न महिला सांसद, न विधायक
महानगर कांग्रेस में महिला सांसद और विधायक गुजरे जमाने की बात हो गई है। 80 के दशक में तारा अग्रवाल महानगर में पार्टी की पहली महिला विधायक निर्वाचित हुई थीं। इनके अलावा कल्याणपुर से पुष्पा तलवार, कानपुर देहात से ब्रजरानी मिश्रा विधायक रहीं, जबकि सुशीला रोहतगी सांसद और विधायक भी रहीं। इसके बाद से महानगर में कांग्रेस से महिला जनप्रतिनिधि इतिहास की बात हो गईं।
यह है महानगर कांग्रेस का हाल
- कांग्रेस के मुख्य संगठन में ऊषा रानी कोरी पिछले वर्ष नगर ग्रामीण इकाई की जिलाध्यक्ष बनाई गई थीं। उन्हें भी कुछ समय बाद ही हटा दिया गया। इनके अलावा महानगर में कभी किसी महिला को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं मिली।
- उत्तर जिला इकाई में 51 पदाधिकारी हैं, जिसमें महज चार महिला पदाधिकारी हैं।
- दक्षिण जिला इकाई में 50 पदाधिकारी हैं। इसमें भी महज छह महिला पदाधिकारी हैं।
- ग्रामीण जिला इकाई में 41 पदाधिकारी हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या छह है।
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वर्तमान में महानगर की तीनों इकाइयों में कुल 142 पदाधिकारी हैं। इनमें महिलाओं की संख्या महज 16 है, जो कुल संख्या का 11.26 फीसदी ही है। महानगर की तीनों इकाइयों में पार्टी की स्थिति को देखते हुए भविष्य में नया लक्ष्य तो दूर, पुराना हासिल हो पाना ही दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
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पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान भी संगठन के साथ प्रत्याशी चयन में महिलाओं को 35 फीसदी सीटें देने का लक्ष्य रखा गया था। उम्मीदवारी तो छोड़िए, कभी संगठन में भी इस लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सका। पार्टी के संगठन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति आज भी वही है, जो दो-तीन दशक पहले थी।
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80 के दशक के बाद न महिला सांसद, न विधायक
महानगर कांग्रेस में महिला सांसद और विधायक गुजरे जमाने की बात हो गई है। 80 के दशक में तारा अग्रवाल महानगर में पार्टी की पहली महिला विधायक निर्वाचित हुई थीं। इनके अलावा कल्याणपुर से पुष्पा तलवार, कानपुर देहात से ब्रजरानी मिश्रा विधायक रहीं, जबकि सुशीला रोहतगी सांसद और विधायक भी रहीं। इसके बाद से महानगर में कांग्रेस से महिला जनप्रतिनिधि इतिहास की बात हो गईं।
यह है महानगर कांग्रेस का हाल
- कांग्रेस के मुख्य संगठन में ऊषा रानी कोरी पिछले वर्ष नगर ग्रामीण इकाई की जिलाध्यक्ष बनाई गई थीं। उन्हें भी कुछ समय बाद ही हटा दिया गया। इनके अलावा महानगर में कभी किसी महिला को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं मिली।
- उत्तर जिला इकाई में 51 पदाधिकारी हैं, जिसमें महज चार महिला पदाधिकारी हैं।
- दक्षिण जिला इकाई में 50 पदाधिकारी हैं। इसमें भी महज छह महिला पदाधिकारी हैं।
- ग्रामीण जिला इकाई में 41 पदाधिकारी हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या छह है।
विधानसभा चुनाव में पार्टी की महिला दावेदार
करिश्मा ठाकुर, बुंदेलखंड जोन महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष
ऊषा रानी कोरी, पूर्व जिलाध्यक्ष, नगर ग्रामीण इकाई
मधु सिंह, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ
प्रतिभा अटल पाल, प्रदेश सचिव
शबनम आदिल, प्रदेश महासचिव राजीव गांधी पंचायती विभाग
सरिता सेंगर, पदाधिकारी जिला इकाई
अंकिता कनौजिया, वार्ड अध्यक्ष नारामऊ
मनीषा, पांडेय वार्ड अध्यक्ष विनायकपुर
मीना सिंह, वार्ड अध्यक्ष नानकारी
आरती वर्मा, वार्ड अध्यक्ष अंबेडकरनगर
प्रियंका, वार्ड अध्यक्ष खलासी लाइन
पार्र्टी ने महिलाओं को सियासत में आगे आने के लिए 35 फीसदी का लक्ष्य तय कर रखा था। अब पार्टी महासचिव ने इसे 40 फीसदी कर दिया है, लेकिन पार्टी की गाइड लाइन के अनुसार उन्हें ही टिकट मिलेगा, जिनका क्षेत्र में जनाधार होगा। नए लक्ष्य की घोषणा के बाद दावेदारी के लिए आवेदन की तारीख भी पांच दिन बढ़ा दी गई है, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं अपना दावा कर सकें।
डॉ. शैलेंद्र दीक्षित. जिलाध्यक्ष दक्षिण इकाई
करिश्मा ठाकुर, बुंदेलखंड जोन महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष
ऊषा रानी कोरी, पूर्व जिलाध्यक्ष, नगर ग्रामीण इकाई
मधु सिंह, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ
प्रतिभा अटल पाल, प्रदेश सचिव
शबनम आदिल, प्रदेश महासचिव राजीव गांधी पंचायती विभाग
सरिता सेंगर, पदाधिकारी जिला इकाई
अंकिता कनौजिया, वार्ड अध्यक्ष नारामऊ
मनीषा, पांडेय वार्ड अध्यक्ष विनायकपुर
मीना सिंह, वार्ड अध्यक्ष नानकारी
आरती वर्मा, वार्ड अध्यक्ष अंबेडकरनगर
प्रियंका, वार्ड अध्यक्ष खलासी लाइन
पार्र्टी ने महिलाओं को सियासत में आगे आने के लिए 35 फीसदी का लक्ष्य तय कर रखा था। अब पार्टी महासचिव ने इसे 40 फीसदी कर दिया है, लेकिन पार्टी की गाइड लाइन के अनुसार उन्हें ही टिकट मिलेगा, जिनका क्षेत्र में जनाधार होगा। नए लक्ष्य की घोषणा के बाद दावेदारी के लिए आवेदन की तारीख भी पांच दिन बढ़ा दी गई है, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं अपना दावा कर सकें।
डॉ. शैलेंद्र दीक्षित. जिलाध्यक्ष दक्षिण इकाई