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Kasganj News: बुखार आने के बाद सात वर्षीय बालिका की मौत
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कासगंज। बुखार से पीड़ित सात वर्षीय एक बालिका की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से परिजन में कोहराम मच गया है। वहीं, रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों का तांता लगा रहा। विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 20 गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
एटा जिले के मारहरा क्षेत्र स्थित मोहनसती निवासी दिनेश की सात वर्षीय पुत्री महिमा को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन ने उसे स्थानीय स्तर पर दवा दिलाई लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ।
रविवार को तबीयत अचानक बेहद गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर कासगंज जिला अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की अचानक मौत से माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दूसरी ओर, रविवार को ओपीडी बंद रहने के बावजूद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। चिकित्सकों ने तत्परता दिखाई और जरूरत के अनुसार कुल 20 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया।
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वर्जन
मौसम में बदलाव के बीच बुखार के मरीजों को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बुखार लगातार बना रहने या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। - डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
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एटा जिले के मारहरा क्षेत्र स्थित मोहनसती निवासी दिनेश की सात वर्षीय पुत्री महिमा को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन ने उसे स्थानीय स्तर पर दवा दिलाई लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ।
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रविवार को तबीयत अचानक बेहद गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर कासगंज जिला अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की अचानक मौत से माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दूसरी ओर, रविवार को ओपीडी बंद रहने के बावजूद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। चिकित्सकों ने तत्परता दिखाई और जरूरत के अनुसार कुल 20 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया।
वर्जन
मौसम में बदलाव के बीच बुखार के मरीजों को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बुखार लगातार बना रहने या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। - डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस