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एसआईआर: खुद को वैध मतदाता साबित करने में जुटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:57 PM IST
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फोटो22कासगंज कलेक्ट्रेट पर बना भारत निर्वाचन कार्यालय ।संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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कासगंज। जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत खुद को वैध मतदाता साबित करने के लिए लोग सक्रिय हो गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए नोटिस में पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस प्रक्रिया ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। खासकर महिला मतदाता सबसे ज्यादा परेशान हैं।
जिले की तीनों विधानसभाओं में बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिसों के साथ 13 विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से मतदाताओं को स्वयं के और अपने माता-पिता के जन्म प्रमाण आदि दस्तावेज संलग्न कर अपने को वैध मतदाता साबित करना है। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा मुश्किल महिला मतदाताओं को आ रही है। खासकर बाहरी राज्यों से शादी होकर आने वाली महिलाओं को। इन्हें प्रपत्र जुटाने के लिए मायके से दस्तावेज मंगाने पड़ रहे हैं। मतदाता अनिल ने बताया कि पत्नी के माता-पिता पंजाब के रहने वाले हैं। 2005 में वो खुद मतदाता बने हैं। दादा-दादी, नाना-नानी बंगाल के रहने वाले थे। उनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। इससे उनके प्रमाणपत्र भी नहीं हैं।
प्रमुख प्रपत्र
1 जुलाई 1987 से पहले जन्म- स्वयं जन्म तिथि और जन्म स्थान प्रमाणित करना है।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004: स्वयं और माता-पिता में से किसी एक की जन्म तिथि, जन्म स्थान प्रमाणपत्र
2 दिसंबर 2004 के बाद- स्वयं, माता और पिता की जन्म तिथि, जन्म स्थान प्रमाणपत्र
यदि अभिभावक में कोई भारतीय नहीं-उनके वैध पासपोर्ट व वीजा की प्रति
भारत के बाहर जन्म- भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
नागरिकता पंजीकरण के बाद- नागरिकता प्रमाणपत्र
वर्जन
मतदाताओं को नोटिस में अपने प्रपत्र जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है ताकि वे व्यवस्था कर लें। आवश्यक प्रपत्र जमा नहीं करने पर मतदाता सूची से नाम कट सकता है- दिग्विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी
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जिले की तीनों विधानसभाओं में बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिसों के साथ 13 विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से मतदाताओं को स्वयं के और अपने माता-पिता के जन्म प्रमाण आदि दस्तावेज संलग्न कर अपने को वैध मतदाता साबित करना है। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा मुश्किल महिला मतदाताओं को आ रही है। खासकर बाहरी राज्यों से शादी होकर आने वाली महिलाओं को। इन्हें प्रपत्र जुटाने के लिए मायके से दस्तावेज मंगाने पड़ रहे हैं। मतदाता अनिल ने बताया कि पत्नी के माता-पिता पंजाब के रहने वाले हैं। 2005 में वो खुद मतदाता बने हैं। दादा-दादी, नाना-नानी बंगाल के रहने वाले थे। उनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। इससे उनके प्रमाणपत्र भी नहीं हैं।
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प्रमुख प्रपत्र
1 जुलाई 1987 से पहले जन्म- स्वयं जन्म तिथि और जन्म स्थान प्रमाणित करना है।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004: स्वयं और माता-पिता में से किसी एक की जन्म तिथि, जन्म स्थान प्रमाणपत्र
2 दिसंबर 2004 के बाद- स्वयं, माता और पिता की जन्म तिथि, जन्म स्थान प्रमाणपत्र
यदि अभिभावक में कोई भारतीय नहीं-उनके वैध पासपोर्ट व वीजा की प्रति
भारत के बाहर जन्म- भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
नागरिकता पंजीकरण के बाद- नागरिकता प्रमाणपत्र
वर्जन
मतदाताओं को नोटिस में अपने प्रपत्र जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है ताकि वे व्यवस्था कर लें। आवश्यक प्रपत्र जमा नहीं करने पर मतदाता सूची से नाम कट सकता है- दिग्विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी
