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Kaushambi News: आषाढ़ के आखिरी सोमवार पर मां शीतला धाम में उमड़े श्रद्धालु
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आषाढ़ माह के आखिरी सोमवार को लोगों ने किया मां शीतला के दर्शन
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आषाढ़ के अंतिम सोमवार पर 51 शक्तिपीठ मां शीतला धाम में सोमवार को श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। भोर से ही दूर-दराज के जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पहले कड़ा के विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान-दान किया। इसके बाद हाथों में नारियल, चुनरी, फूल-माला, प्रसाद, ध्वजा और निशान लेकर मां शीतला के दरबार में माथा टेका। इस दौरान पूरा परिसर जय माता दी के जयघोष से गुंजायमान रहा।
सनातन परंपरा में आषाढ़ माह के अंतिम सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन से पहले पड़ने वाले इस दिन मां भगवती और भगवान शिव की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु मैया के दरबार पहुंचे थे।
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मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पांडा ने बताया कि आषाढ़ माह का अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक रही। मंदिर प्रशासन की ओर से इस दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
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सनातन परंपरा में आषाढ़ माह के अंतिम सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन से पहले पड़ने वाले इस दिन मां भगवती और भगवान शिव की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
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मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु मैया के दरबार पहुंचे थे।
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मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पांडा ने बताया कि आषाढ़ माह का अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक रही। मंदिर प्रशासन की ओर से इस दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।