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Kaushambi News: प्रतिबंध काल में अलवारा झील में कैसे हो रहा था मत्स्य आखेट, हत्या के बाद उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 21 Jun 2026 12:04 AM IST
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अलवारा झील के किनारे मछुआरे बरमदीन की हत्या के बाद शनिवार को पुलिस ने शव बरामद कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने तीन पुलिस टीमों का गठन कर घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच में जुटी है।
वहीं, घटना के बाद मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रतिबंध अवधि के दौरान झील में चल रहे मत्स्य आखेट को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। शासन के प्रावधानों के अनुसार 1 जून से 31 अगस्त तक मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए नदियों, जलाशयों और झीलों में मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध रहता है।
इसके बावजूद करीब 24 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य विभाग के पट्टे पर 400 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली अलवारा झील में मत्स्य आखेट गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आने के बाद विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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इस मामले में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विभाग पीके शुक्ला के मुताबिक अलवारा झील में प्रबंध कल में मत्स्यपेट की जानकारी होने पर पट्टाधारक को चेतावनी दी गई थी। विभाग में स्टाफ की कमी और वाहन उपलब्ध नहीं होने की वजह से छापेमारी की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
वहीं, घटना के बाद मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रतिबंध अवधि के दौरान झील में चल रहे मत्स्य आखेट को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। शासन के प्रावधानों के अनुसार 1 जून से 31 अगस्त तक मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए नदियों, जलाशयों और झीलों में मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध रहता है।
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इसके बावजूद करीब 24 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य विभाग के पट्टे पर 400 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली अलवारा झील में मत्स्य आखेट गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आने के बाद विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विभाग पीके शुक्ला के मुताबिक अलवारा झील में प्रबंध कल में मत्स्यपेट की जानकारी होने पर पट्टाधारक को चेतावनी दी गई थी। विभाग में स्टाफ की कमी और वाहन उपलब्ध नहीं होने की वजह से छापेमारी की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।