{"_id":"6a0ca6d7a3be103df90e6c5c","slug":"livestock-insurance-scheme-closed-due-to-lack-of-budget-kaushambi-news-c-261-1-kmb1018-141697-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: बजट के अभाव में बंद पड़ी पशुधन बीमा योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: बजट के अभाव में बंद पड़ी पशुधन बीमा योजना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पशुपालकों और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से संचालित पशुधन बीमा योजना जिले में कई महीनों से बंद पड़ी है। बजट जारी नहीं होने के कारण योजना दोबारा शुरू नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। भीषण गर्मी और पशुओं में फैल रही बीमारियों के बीच गैर बीमित पशुओं की मौत होने पर पशुपालकों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है।
पशुपालन विभाग की इस योजना के तहत दुधारू गाय, भैंस समेत अन्य पशुओं का बीमा कराया जाता है। बीमारी, दुर्घटना व प्राकृतिक कारणों से पशु की मौत होने पर बीमा राशि उपलब्ध कराई जाती है। इससे छोटे और मध्यम किसानों को बड़ी राहत मिलती थी।
ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन के सहारे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। योजना बंद होने से नए पशुओं का बीमा नहीं हो पा रहा है, जबकि पुराने बीमा की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण भी नहीं हो रहा है। पशुपालकों रामप्रसाद, समयलाल और शिवमूरत सिंह समेत कई लोगों ने योजना जल्द शुरू कराने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
पशुधन बीमा योजना का संचालन निदेशालय स्तर से होता है। निदेशालय से योजना संचालन के लिए निर्देश मिलते ही पशुपालकों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। योजना के बंद होने से पैदा हो रही परेशानियों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही योजना चालू होने की उम्मीद है।
-- डॉ. अशोक कुमार, जिला पशु चिकित्सक
पशुपालन विभाग की इस योजना के तहत दुधारू गाय, भैंस समेत अन्य पशुओं का बीमा कराया जाता है। बीमारी, दुर्घटना व प्राकृतिक कारणों से पशु की मौत होने पर बीमा राशि उपलब्ध कराई जाती है। इससे छोटे और मध्यम किसानों को बड़ी राहत मिलती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन के सहारे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। योजना बंद होने से नए पशुओं का बीमा नहीं हो पा रहा है, जबकि पुराने बीमा की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण भी नहीं हो रहा है। पशुपालकों रामप्रसाद, समयलाल और शिवमूरत सिंह समेत कई लोगों ने योजना जल्द शुरू कराने की मांग उठाई है।
Trending Videos
पशुधन बीमा योजना का संचालन निदेशालय स्तर से होता है। निदेशालय से योजना संचालन के लिए निर्देश मिलते ही पशुपालकों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। योजना के बंद होने से पैदा हो रही परेशानियों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही योजना चालू होने की उम्मीद है।