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Kaushambi News: अब एनजीओ संभालेंगे गोशालाओं का संचालन, 10 का हुआ हस्तांतरण

संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Mon, 15 Jun 2026 12:00 AM IST
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NGOs to now manage the operations of cow shelters; 10 have been handed over.
चायल कस्बा ​स्थित कान्हा गोशाला
गोशालाओं के बेहतर प्रबंधन और देखभाल के लिए जनपद में संचालित गोशालाओं का संचालन चयनित गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को सौंपा जा रहा है। इसके लिए पशुपालन विभाग के माध्यम से आवेदन लिए जा रहे हैं और अब तक 10 गोशालाओं का हस्तांतरण हो चुका है।
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जिले की दो नगर पालिकाओं, आठ नगर पंचायतों तथा आठ विकास खंडों में कुल 44 छोटी-बड़ी गोशालाएं संचालित हैं। अभी तक इन गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों के चारा, पानी, चिकित्सा, देखभाल और साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों के पास थी।
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शासन के निर्देश पर अब एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) प्रक्रिया के तहत चयनित एनजीओ को यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। शासन की तरफ से निर्धारित मानकों और अनुबंध की शर्तों के अनुसार चयनित संस्थाएं गोशालाओं का संचालन करेंगी।
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10 गोशालाओं का संचालन चयनित एनजीओ को सौंप दिया गया है। कुछ संस्थाओं के आवेदन शासन स्तर पर विचाराधीन हैं, जबकि शेष गोशालाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।-डॉ. अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
इन एनजीओ को मिली है निम्न गोशाला संचालन की जिम्मेदारी
1- बेस्ड प्रयाग शिक्षा समिति -वृहद गो संरक्षण केंद्र केसारी
2- गो सेवा संस्थान हटवा अब्बासपुर रानीपुर सरसवां - अस्थाई गो आश्रय स्थल भवनसुरी द्वितीय
3- गो सेवा संस्थान हटवा अब्बासपुर रानीपुर सरसवां - गोआश्रय स्थल हटवा अब्बासपुर
4- उन्नति पूर्व निर्माता कंपनी लिमिटेड फैजीपुर अषाढ़ा मंझनपुर - वृहद गो संरक्षण केंद्र मलाका,अढ़ौली, शाहपुर
5- बृज फाउंडेशन -वृहद गो संरक्षण केंद्र कादिराबाद,सिपाह,गिरधरपुर गढ़ी
6- मुकुल लक्ष्मीग्रीन साइकिल प्रोडक्शन लिमिटेड - बरियावां
7- उन्नित आर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड - बिदांव
तीन साल के लिए होगा अनुबंध
सीवीओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि गोशाला संचालन के लिए एनजीओ का चयन शासन स्तर से किया जा रहा है और संबंधित एनजीओ से तीन साल का अनुबंध भी है। अनुबंध की अवधि में गोशाला की पूरी जिम्मेदारी एनजीओ की होगी। संरक्षित बीमार पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग ही देखेगा।
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