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Kaushambi News: मेडिकल कॉलेज में जल निकासी व्यवस्था फेल, इलाज की जगह बीमारी बांट रहा अस्पताल

संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Mon, 09 Feb 2026 12:46 AM IST
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The drainage system at the medical college has failed, spreading disease instead of treatment.
नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद
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मेडिकल कॉलेज परिसर में जल निकासी की व्यवस्था न होने से गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में संचालित डायलिसिस विंग, इमरजेंसी, एमसीएच विंग, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी सहित कई ऐसे विभाग हैं। जहां रोजाना काफी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है। लेकिन, उसके निकास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
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विभाग के पास जल निकासी जैसी वर्तमान में कोई सुविधा नहीं है। स्थित यह है कि बाहर की कालोनी का पानी भी परिसर में आ रहा है। साथ ही अस्पताल के कई विभागों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों में बह रहा है। खासतौर पर डायलिसिस विंग से निकलने वाला दूषित पानी खुली नाली के सहारे पूरे परिसर में फैल रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को बदबू और गंदगी के बीच आना-जाना पड़ता है। कई स्थानों पर गंदा पानी सड़कों और गलियारों तक फैला है। इससे फिसलने और हादसे की आशंका बनी रहती है। कर्मचारियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई है। लेकिन, अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

नीली चादर में छुपाया ढहा सीवर टैंक
:: सीवर टैंक पूरी तरह से ढह जाने के बाद भी कॉलेज प्रशासन ने स्थायी समाधान करने के बजाय उसे नीली चादर से ढकवा दिया है। बाहर से देखने पर समस्या छिप गई है, लेकिन अंदर से हालात और गंभीर हो चुके हैं। टैंक से उठने वाली जहरीली बदबू से मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आसपास के विभागों में बैठना तक मुश्किल हो गया है।
अस्पताल का दूषित पानी बना जहर, हरियाली तक नष्ट
: अस्पताल के विभिन्न विभागों से निकलने वाला दूषित और रासायनिक युक्त पानी अब जहरीला रूप ले चुका है। इस पानी के संपर्क में आने से आसपास उगे पौधे और घास तक झुलस रही हैं। नालियों के किनारे हरियाली खत्म होती जा रही है और मिट्टी की रंगत भी बदलने लगी है। रोजाना वहां से गुजरने वाले कर्मचारी और अन्य लोगों ने बताया कि जहां यह पानी बहता है, वहां दुर्गंध के साथ जलन भी महसूस होती है।
मेडिकल कॉलेज में जल निकासी की व्यवस्था के लिए करीब चार माह पहले नगर पंचायत के अध्यक्ष, ईओ व जेई ने संयुक्त रूप से सर्वे किया था। लेकिन, बाहर के पानी को परिसर में आने तक से वह नहीं रोक सके। मेडिकल कॉलेज 20 साल पहले बने भवन में संचालित है। ऐसे में यहां लगे जल निकासी के पाइप पूरी तरह से चोक हो चुके हैं। करीब एक साल पहले जल निकासी के भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य

नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद

नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद

नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद

नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद

नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद

नाली में गिरता डायलिसिस विंग का पानी।  संवाद

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