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Kaushambi News: आंधी-बारिश से बदला मौसम, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:12 AM IST
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रामचंद्र सिंह
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अचानक बदले मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को बूंदाबांदी फिर बुधवार की सुबह तेज आंधी के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं। खासकर गेहूं की कटाई और मड़ाई पर इसका सीधा असर पड़ा है। खेतों और खलिहानों में पड़े गेहूं की बोझ और अनाज भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। आंधी-बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखने को लेकर चिंतित हैं।
मंझनपुर, नेवादा, कौशाम्बी, सरसवां ब्लॉक समेत पूरे जिले के ग्रामीण इलाकों में हालात और भी गंभीर हैं। खेतों में कटी हुई फसल भीगने से दाने खराब होने लगे हैं। कई किसानों की शिकायत है कि बारिश और बूंदाबांदी से गेहूं के दाने काले होने लगे हैं। लगातार बदलते मौसम के कारण किसान न तो समय से कटाई कर पा रहे हैं और न ही मड़ाई का कार्य पूरा हो पा रहा है। मेहनत पर पानी फिरता देख उनके माथे पर शिकन साफ दिख रही है।
सात बीघे गेहूं की फसल तैयार है लेकिन बेमौसम बारिश से कटाई बाधित हो गई है। जो फसल कटकर खेत में पड़ी है, उसे सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। दाना अंकुरित होने के साथ काला पड़ने लगा है, जिससे उपज पर असर पड़ना तय है।
-- कमलाकांत तिवारी, बहुंगरा
करीब 25 बीघे में गेहूं बोया था, जिसमें अभी तक केवल छह बीघे में तैयार फसल की कटाई हो सकी है। बारिश की वजह से पैदावार में कमी आने की आशंका है। खेत में कटी फसल लगातार खराब होने से चिंता बढ़ी है।
-- -रामचंद्र सिंह , खरसेन का पूरा, मजरा बसुहार
बार-बार हो रही बारिश से गेहूं की फसल सड़ने लगी है। पहले ओलावृष्टि से बालियां क्षतिग्रस्त हुई थीं और अब बारिश के कारण दाने काले पड़कर सड़ रहे हैं। 10 बीघा में से केवल चार बीघे में तैयार फसल ही कट पाई है, जिसकी मड़ाई भी नहीं हो सकी है।
-- हरिशंकर मिश्रा, नैनुआ, ब्लॉक कौशाम्बी
गेहूं और अरहर दोनों फसलों को भारी नुकसान हुआ है। लगभग सात बीघे में बोई गई फसल में से अभी तक केवल दो बीघे की कटाई हो पाई है। उन्होंने कहा कि इस समय तक 50 प्रतिशत काम हो जाना चाहिए था। अभी कटाई-मड़ाई करीब 20 फीसदी ही हो पाई है। किसानों के सामने यह सबसे बड़ी समस्या है।
-- बुधराम यादव , बारा, ब्लॉक कौशाम्बी
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सात बीघे गेहूं की फसल तैयार है लेकिन बेमौसम बारिश से कटाई बाधित हो गई है। जो फसल कटकर खेत में पड़ी है, उसे सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। दाना अंकुरित होने के साथ काला पड़ने लगा है, जिससे उपज पर असर पड़ना तय है।
करीब 25 बीघे में गेहूं बोया था, जिसमें अभी तक केवल छह बीघे में तैयार फसल की कटाई हो सकी है। बारिश की वजह से पैदावार में कमी आने की आशंका है। खेत में कटी फसल लगातार खराब होने से चिंता बढ़ी है।
बार-बार हो रही बारिश से गेहूं की फसल सड़ने लगी है। पहले ओलावृष्टि से बालियां क्षतिग्रस्त हुई थीं और अब बारिश के कारण दाने काले पड़कर सड़ रहे हैं। 10 बीघा में से केवल चार बीघे में तैयार फसल ही कट पाई है, जिसकी मड़ाई भी नहीं हो सकी है।
गेहूं और अरहर दोनों फसलों को भारी नुकसान हुआ है। लगभग सात बीघे में बोई गई फसल में से अभी तक केवल दो बीघे की कटाई हो पाई है। उन्होंने कहा कि इस समय तक 50 प्रतिशत काम हो जाना चाहिए था। अभी कटाई-मड़ाई करीब 20 फीसदी ही हो पाई है। किसानों के सामने यह सबसे बड़ी समस्या है।

रामचंद्र सिंह

रामचंद्र सिंह

रामचंद्र सिंह

रामचंद्र सिंह

रामचंद्र सिंह