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Kaushambi News: बारिश और लापरवाही के भेंट चढ़े गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:14 AM IST
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बुधवार की सुबह बारिश से मंझनपुर के ओसा मंडी के बाहर रखा गेहूं की छल्ली का ऊपरी हिस्सा भीगा। संव
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जिले के किसान बारिश और विभाग दोनों की मार झेल रहे हैं। जहां एक ओर गेहूं की फसल खेत में ही बारिश के कारण भीग गई तो दूसरी ओर क्रय केंद्र पर पहुंचे गेहूं भी विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ गए। खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जिले में गेहूं की खरीद पर भी ब्रेक लगा दी है। जिले में संचालित 37 क्रय केंद्रों में से केवल 16 केंद्र ही चालू हो पाए हैं।
ओसा मंडी के बाहर रखे गेहूं के बोरे भीग गए, हालांकि कर्मचारियों ने भीगे गेहूं को दूसरी बोरियों में पलट दिया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी आंशिक नुकसान की स्थिति सामने आई है। खेतों में खड़ी और कटी फसल भीगने से किसानों की मड़ाई प्रभावित हुई है, जिसके चलते अधिकांश किसान अभी तक अपना गेहूं क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचा सके हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में खड़ी और कटी फसल को नुकसान पहुंचा है। बुधवार को कई स्थानों पर गेहूं भीग जाने से उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है, जिससे किसान मड़ाई कराने में भी देरी कर रहे हैं। इसका सीधा असर सरकारी खरीद केंद्रों पर देखने को मिल रहा है।
जिले के 86 किसानों से 532 मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
जिले में बनाए गए 37 गेहूं क्रय केंद्रों में से अब तक केवल 16 केंद्रों पर ही खरीद शुरू हो सकी है। 86 किसानों से 532 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। जिससे किसानों के साथ-साथ प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई है।
सिराथू क्षेत्र में बोरी के अभाव से ठप पड़ क्रय केंद्र
सिराथू स्थित हाट शाखा गेहूं क्रय केंद्र पर पिछले दो दिनों से बोरी के अभाव में खरीद पूरी तरह ठप पड़ी है। केंद्र प्रभारी चंद भूषण राय ने बताया कि लगभग 15 किसानों का करीब एक हजार कुंतल गेहूं तौल कर रखा गया है, लेकिन बोरियों की कमी के चलते उसे सुरक्षित भंडारण में नहीं रखा जा पा रहा है।
इसी तरह अजुहा के विपणन शाखा क्रय केंद्र में भी बोरी की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार पांडे न बताया कि पहले चरण में छह किसानों से 414 कुंतल 50 किलो और दूसरे चरण में 12 किसानों से 747 कुंतल 50 किलो गेहूं की खरीद 7 अप्रैल तक की गई। दो बार में कुल 2324 खाली बोरियां मिली थीं, जो अब समाप्त हो चुकी हैं। भरवारी मंडी स्थित हाट शाखा क्रय केंद्र पर अब तक सात किसानों से 402 कुंतल गेहूं की खरीद की गई है।
मौसम के कारण गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी हुई है। बुधवार को हुई बारिश से कुछ बोरे भीगे जरूर थे, लेकिन उन्हें तुरंत सुरक्षित कर लिया गया। पिछले वर्ष इस समय तक केवल 421.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष स्थिति उससे बेहतर है। जिन जगहों पर बोरियों की कमी है वहां पर जल्द ही बोरी की उपलब्धता करवा दी जाएगी। -सुधांशु चौबे, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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ओसा मंडी के बाहर रखे गेहूं के बोरे भीग गए, हालांकि कर्मचारियों ने भीगे गेहूं को दूसरी बोरियों में पलट दिया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी आंशिक नुकसान की स्थिति सामने आई है। खेतों में खड़ी और कटी फसल भीगने से किसानों की मड़ाई प्रभावित हुई है, जिसके चलते अधिकांश किसान अभी तक अपना गेहूं क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचा सके हैं।
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लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में खड़ी और कटी फसल को नुकसान पहुंचा है। बुधवार को कई स्थानों पर गेहूं भीग जाने से उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है, जिससे किसान मड़ाई कराने में भी देरी कर रहे हैं। इसका सीधा असर सरकारी खरीद केंद्रों पर देखने को मिल रहा है।
जिले के 86 किसानों से 532 मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
जिले में बनाए गए 37 गेहूं क्रय केंद्रों में से अब तक केवल 16 केंद्रों पर ही खरीद शुरू हो सकी है। 86 किसानों से 532 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। जिससे किसानों के साथ-साथ प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई है।
सिराथू क्षेत्र में बोरी के अभाव से ठप पड़ क्रय केंद्र
सिराथू स्थित हाट शाखा गेहूं क्रय केंद्र पर पिछले दो दिनों से बोरी के अभाव में खरीद पूरी तरह ठप पड़ी है। केंद्र प्रभारी चंद भूषण राय ने बताया कि लगभग 15 किसानों का करीब एक हजार कुंतल गेहूं तौल कर रखा गया है, लेकिन बोरियों की कमी के चलते उसे सुरक्षित भंडारण में नहीं रखा जा पा रहा है।
इसी तरह अजुहा के विपणन शाखा क्रय केंद्र में भी बोरी की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार पांडे न बताया कि पहले चरण में छह किसानों से 414 कुंतल 50 किलो और दूसरे चरण में 12 किसानों से 747 कुंतल 50 किलो गेहूं की खरीद 7 अप्रैल तक की गई। दो बार में कुल 2324 खाली बोरियां मिली थीं, जो अब समाप्त हो चुकी हैं। भरवारी मंडी स्थित हाट शाखा क्रय केंद्र पर अब तक सात किसानों से 402 कुंतल गेहूं की खरीद की गई है।
मौसम के कारण गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी हुई है। बुधवार को हुई बारिश से कुछ बोरे भीगे जरूर थे, लेकिन उन्हें तुरंत सुरक्षित कर लिया गया। पिछले वर्ष इस समय तक केवल 421.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष स्थिति उससे बेहतर है। जिन जगहों पर बोरियों की कमी है वहां पर जल्द ही बोरी की उपलब्धता करवा दी जाएगी। -सुधांशु चौबे, जिला खाद्य विपणन अधिकारी

बुधवार की सुबह बारिश से मंझनपुर के ओसा मंडी के बाहर रखा गेहूं की छल्ली का ऊपरी हिस्सा भीगा। संव

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बुधवार की सुबह बारिश से मंझनपुर के ओसा मंडी के बाहर रखा गेहूं की छल्ली का ऊपरी हिस्सा भीगा। संव