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Kushinagar News: स्मार्ट मीटर की ‘मनमानी’ पर रोक...रात में बिजली कटी तो अफसर होंगे जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:51 AM IST
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पडरौना। प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के आक्रोश और तकनीकी खामियों की शिकायतों के बाद बिजली निगम ने कदम उठाया है। अब स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं परेशान नहीं किया जाएगा है।
निगम ने 38 बिंदुओं की ‘’मानक संचालन प्रक्रिया’’ (एसओपी) जारी की है, जो उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। कनेक्शन काटने की कार्रवाई तय प्रकिया के बाद ही की जा सकेगी। रात में बिजली कनेक्शन काटने पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बता दें कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर व उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं की तरफ से कई सवाल किए जा रहे थे। उपभोक्ताओं काे राहत दिलाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है।
इस मानक संचालन प्रक्रिया में शाम छह बजे के बाद व अगले दिन आठ बजे तक रिचार्ज के अभाव में बिजली की आपूर्ति नहीं काटी जाएगी। विभाग के अनुसार, पहले बैलेंस खत्म होते ही रात के समय बिजली काट दी जाती थी, इससे काम प्रभावित होते थे।
अब बैलेंस जीरो होने पर भी शाम 6:00 बजे के बाद, रात भर और अगले दिन सुबह 8:00 बजे तक बिजली नहीं काटी जा सकेगी। इसके अलावा रविवार और किसी भी सरकारी छुट्टी के दिन कनेक्शन काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
बकाएदारों को किस्तों में भुगतान की सविधा : प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगते ही पुराने बकाए के नाम पर पूरा रिचार्ज कट जाने की शिकायतों को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
अब पुराने बकाए की वसूली के लिए उपभोक्ता का परेशान नहीं किया जाएगा। इसे आसान किस्तों में बांटा जाएगा। यानी प्रतिदिन के रिचार्ज से केवल एक छोटा हिस्सा ही पुराने बकाए के रूप में कटेगा, बाकी पैसे से बिजली चालू रहेगी।
तेज मीटर और रीडिंग का समाधान : उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर तेज भागते हैं। इसके समाधान के लिए अब ‘चेक मीटर’ की व्यवस्था दी गई है। यदि उपभोक्ता शिकायत करता है, तो विभाग को तत्काल चेक मीटर लगाना होगा। यदि मुख्य मीटर में त्रुटि पाई जाती है, तो न केवल मीटर बदला जाएगा, बल्कि विभाग उपभोक्ता से ली गई टेस्टिंग फीस भी वापस की जाएगी।
ये बिंदु भी हैं शामिल : जारी एसओपी में प्रीपेड मीटर क्या है, स्टोर रीडिंग, खपत हुई यूनिट के मुताबिक रकम, टोल फ्री नंबर,स्मार्ट मीटर का कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा।
विवाद की स्थिति में जब तक जांच पूरी नहीं बिजली नहीं काटी जाएगी, नंबर अपडेड के लिए विशेष अभियान चलाएगा,फिक्सड चार्ज की वसूली महीने के अंत में न होकर प्रतिदिन होगी सहित तमाम समस्याओं को दूर करने का जिक्र किया गया है।
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निगम ने 38 बिंदुओं की ‘’मानक संचालन प्रक्रिया’’ (एसओपी) जारी की है, जो उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। कनेक्शन काटने की कार्रवाई तय प्रकिया के बाद ही की जा सकेगी। रात में बिजली कनेक्शन काटने पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
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बता दें कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर व उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं की तरफ से कई सवाल किए जा रहे थे। उपभोक्ताओं काे राहत दिलाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है।
इस मानक संचालन प्रक्रिया में शाम छह बजे के बाद व अगले दिन आठ बजे तक रिचार्ज के अभाव में बिजली की आपूर्ति नहीं काटी जाएगी। विभाग के अनुसार, पहले बैलेंस खत्म होते ही रात के समय बिजली काट दी जाती थी, इससे काम प्रभावित होते थे।
अब बैलेंस जीरो होने पर भी शाम 6:00 बजे के बाद, रात भर और अगले दिन सुबह 8:00 बजे तक बिजली नहीं काटी जा सकेगी। इसके अलावा रविवार और किसी भी सरकारी छुट्टी के दिन कनेक्शन काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
बकाएदारों को किस्तों में भुगतान की सविधा : प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगते ही पुराने बकाए के नाम पर पूरा रिचार्ज कट जाने की शिकायतों को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
अब पुराने बकाए की वसूली के लिए उपभोक्ता का परेशान नहीं किया जाएगा। इसे आसान किस्तों में बांटा जाएगा। यानी प्रतिदिन के रिचार्ज से केवल एक छोटा हिस्सा ही पुराने बकाए के रूप में कटेगा, बाकी पैसे से बिजली चालू रहेगी।
तेज मीटर और रीडिंग का समाधान : उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर तेज भागते हैं। इसके समाधान के लिए अब ‘चेक मीटर’ की व्यवस्था दी गई है। यदि उपभोक्ता शिकायत करता है, तो विभाग को तत्काल चेक मीटर लगाना होगा। यदि मुख्य मीटर में त्रुटि पाई जाती है, तो न केवल मीटर बदला जाएगा, बल्कि विभाग उपभोक्ता से ली गई टेस्टिंग फीस भी वापस की जाएगी।
ये बिंदु भी हैं शामिल : जारी एसओपी में प्रीपेड मीटर क्या है, स्टोर रीडिंग, खपत हुई यूनिट के मुताबिक रकम, टोल फ्री नंबर,स्मार्ट मीटर का कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा।
विवाद की स्थिति में जब तक जांच पूरी नहीं बिजली नहीं काटी जाएगी, नंबर अपडेड के लिए विशेष अभियान चलाएगा,फिक्सड चार्ज की वसूली महीने के अंत में न होकर प्रतिदिन होगी सहित तमाम समस्याओं को दूर करने का जिक्र किया गया है।

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