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Kushinagar News: फूड पॉइजनिंग के शिकार लोगों की हालत में सुधार, दूसरे दिन भी डटी रही स्वास्थ्य टीम

संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 29 Apr 2026 02:49 AM IST
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Condition of Food Poisoning Victims Improves; Health Teams Remain on Duty for a Second Day
सेवरही के बिनटोली मे पीड़ित लोगों की हाल चाल की जानकारी लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।संवाद
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पडरौना/तमकुहीरोड। सेवरही नगर पंचायत में शिवशक्ति नगर के बिनटोली में फूड पॉइजनिंग के शिकार 30 लोगों के सेहत में दूसरे दिन बुधवार को सुधार दिखा। इलाज के बाद उन्हें डॉक्टरों ने घर भेज दिया। वहीं घटना के बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम में दूसरे दिन भी जमी रही। स्वास्थ्य टीम घर-घर जा कर पीड़ितों की जानकारी ली।
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उन्हें ओआरएस और हल्का भोजन लेने की सलाह दी। मोहल्ले में बासी भोजन से हुई फूड प्वाइजनिंग की लोग चर्चा करते दिखे।
सेवरही नगर पंचायत में शिवशक्ति नगर के बिनटोली गांव के लालबहादुर चौहान की लड़की का तिलक 25 अप्रैल को सिवान के लिए जाना था। तिलक में जाने वाले सभी मेहमान व घराती के खाने के लिए चावल, दाल व आलू परवल की सब्जी बनाई गई थी। खाना खाकर लोग तिलक चढ़ाने सिवान रवाना हो गए थे। बचे भोजन को घर वालों ने पड़ोस में बंटवा दिया था और खुद भी खा लिय।
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उसके अगले दिन लोगों को पेटदर्द, उल्टी व दस्त की शिकायत होने लगी। एक साथ करीब 30 लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में दहशत फैल गई।
60 वर्षीय पतिया देवी ने बताया कि खाना खाने के बाद उनके पेट में तेज दर्द और उल्टी होने लगी थी। उन्हें तीन बोतल भी चढ़ाया गया। अब उनकी सेहत में सुधार है। 19 वर्षीय रामकेवल ने बताया कि उन्हें भी खाने के बाद उल्टी दस्त होने लगी थी, जिसमें अब सुधार है। 70 वर्षीय भूखल का कहना था कि उनके घर के चार लोग इस बीमारी से पीड़ित थे। इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार है।
वहीं जिन तीन महिलाओं कौशल्या (61), सीता देवी (35) और लक्ष्मी (14) को मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर के लिए रेफर कर दिया गया था। उनकी हालत भी अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। गांव की आशा कार्यकर्ता गीता (35) भी फूड प्वाइजनिंग की शिकार हो गई थी, उसकी हालत में भी सुधार है। दूसरे दिन भी महिला चिकित्सक डाॅ. पिंकी जायसवाल की अगुवाई में दीपक कन्नौजिया, राहुल गौतम व प्रभुनाथ प्रसाद की स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और घर-घर जाकर पीड़ितों का हाल जाना। उन्हें हल्का खाना खाने की सलाह दी। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि मौसम को देखते हुए लोगों को खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
दूषित, बासी या अधपके भोजन से होती है फूड पॉइजनिंग : मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन अर्पिता सिंह ने बताया कि फूड पॉइजनिंग दूषित, बासी या अधपके भोजन और पानी के सेवन से होती है। इसमें हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी होते हैं। यह मुख्य रूप से खराब स्टोरेज, अस्वच्छता या अधपके मीट-अंडों के कारण फैलता है। इसका सेवन करने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार हो सकता हैी
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