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Kushinagar News: स्कूलों में पढ़ाई और सुविधाओं पर केपीआई से होगी निगरानी
Mon, 03 Aug 2026 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:59 AM IST
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पडरौना। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की निगरानी अब परिणाम आधारित कार्य प्रणाली (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स-केपीआई) के माध्यम से की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन, कैच-अप कार्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू की है।
केपीआई के तहत विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, शिक्षण प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तय मानकों के अनुसार होगी। इसके लिए पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप विश्लेषण (गैप एनालिसिस) की व्यवस्था की गई है, ताकि कमियों की समय रहते पहचान कर उनमें सुधार किया जा सके।
निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही शिक्षकों और मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हो सके। केपीआई प्रणाली में विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं का भी मूल्यांकन होगा। इसमें विद्यालय भवन निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्य, जर्जर भवनों का निस्तारण, आधारभूत सुविधाओं का विकास तथा फर्नीचर की उपलब्धता जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत अगस्त और सितंबर के लिए तय प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को सभी गतिविधियों की प्रगति समय पर पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने पर विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। -अनिल कुमार सिंह, बीएसए, कुशीनगर।
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केपीआई के तहत विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, शिक्षण प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तय मानकों के अनुसार होगी। इसके लिए पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप विश्लेषण (गैप एनालिसिस) की व्यवस्था की गई है, ताकि कमियों की समय रहते पहचान कर उनमें सुधार किया जा सके।
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निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही शिक्षकों और मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हो सके। केपीआई प्रणाली में विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं का भी मूल्यांकन होगा। इसमें विद्यालय भवन निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्य, जर्जर भवनों का निस्तारण, आधारभूत सुविधाओं का विकास तथा फर्नीचर की उपलब्धता जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत अगस्त और सितंबर के लिए तय प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को सभी गतिविधियों की प्रगति समय पर पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने पर विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। -अनिल कुमार सिंह, बीएसए, कुशीनगर।