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Kushinagar News: बाढ़ की आशंका में प्रशासन अलर्ट, तटबंधों की निगरानी बढ़ी

Wed, 19 Aug 2026 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 19 Aug 2026 02:20 AM IST
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Administration on alert due to flood threat, monitoring of embankments increased
कुशीनगर। सीएम के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर खड्डा और तमकुहीराज एसडीएम ने संवेदनशील तटबंधों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। तटबंधों की स्थिति, रेनकट, रैटहोल, शाही मांद, सीपेज समेत अन्य कमजोरियों की जांच की। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं।
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एसडीएम खड्डा ने बाढ़ खंड और एसडीआरएफ की टीम के साथ विराभार ठोकर, भैंसहा और मदनपुर-सुकरौली बंधे का निरीक्षण किया। वहीं, एसडीएम तमकुहीराज ने संबंधित अधिकारियों के साथ संवेदनशील तटबंधों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की उपलब्धता भी परखी। नायब तहसीलदार खड्डा ने महादेव में ग्रामीण चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया। ग्रामीणों को संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों की जानकारी दी गई। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।
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137 नावें और 56 गोताखोर तैयार
बाढ़ राहत एवं बचाव के लिए जिले में 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इनमें छह खड्डा और चार तमकुहीराज तहसील में हैं। इसके अलावा 16 बाढ़ शरणालय चिह्नित किए गए हैं। इनमें खड्डा में छह और तमकुहीराज में 10 शरणालय शामिल हैं। बाढ़ चौकियों और शरणालयों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती के साथ पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन और विकास विभाग के कर्मचारियों की 24 घंटे शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। राहत और बचाव के लिए जिले में 137 नावें उपलब्ध हैं। इनमें 34 बड़ी, 47 मझोली और 56 छोटी नावें हैं। 56 गोताखोर भी चिन्हित किए गए हैं। खड्डा तहसील में एसडीआरएफ और तमकुहीराज में पीएसी की फ्लड बटालियन तैनात की गई है। मेगाफोन, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और फोल्डेबल स्ट्रेचर समेत जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
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एक सप्ताह के लिए राहत सामग्री का इंतजाम
बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह के लिए खाद्यान्न और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। इसके लिए 26 प्रकार की सामग्री की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसमें लाई, चना, चीनी, बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, साबुन, बाल्टी, तिरपाल, आटा, चावल, दाल, आलू, तेल, नमक, सैनिटरी पैड, तौलिया और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। आपात स्थिति के लिए 5,000 लीटर डीजल-पेट्रोल और सामुदायिक रसोई के लिए गैस सिलेंडर भी आरक्षित किए गए हैं।
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स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे की तैयारी
संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी सीएचसी और पीएचसी पर इमरजेंसी कक्ष और इनडोर वार्ड की व्यवस्था की गई है। सीएचसी पर छह और पीएचसी पर दो बेड आपदा प्रबंधन के लिए आरक्षित किए गए हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय में दो एंबुलेंस क्रियाशील रखी गई हैं और 25 बेड का पीआईसीयू तैयार है। एंटी-स्नेक वेनम, ओआरएस, ऑक्सीजन मास्क, पट्टी, सिरिंज और अन्य जीवनरक्षक दवाएं सुरक्षित रखी गई हैं। जुलाई से अक्तूबर के बीच प्रसव संभावित 421 गर्भवती महिलाओं को भी चिन्हित किया गया है। जिला स्तर पर एक और प्रत्येक सीएचसी स्तर पर 14 रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है।
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तटबंधों के लिए सामग्री का रिजर्व स्टॉक
तटबंधों की सुरक्षा के लिए स्टोन बोल्डर, सीमेंट की खाली बोरियां, नायलॉन क्रेट, जीआई वायर क्रेट, जियो बैग और पीपी रोप गैवियन समेत जरूरी सामग्री का रिजर्व स्टॉक रखा गया है। पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए भूसा व्यापारियों की सूची तैयार करने के साथ भूसा खरीद की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

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कंट्रोल रूम के नंबर जारी

जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की है। कंट्रोल रूम के नंबर 05564-240590 और टोल फ्री नंबर 1077 पर सूचना दी जा सकती है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी के साथ राहत और बचाव के सभी संसाधन तैयार रखे जाएं। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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