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Kushinagar News: करन की मौत के बाद बेकाबू हुई भीड़, सड़क से लेकर कॉलेज तक पथराव, हंगामा
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करन साहनी की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन।संवाद
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कप्तानगंज। चकबंदी चौराहे पर दोपहर में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस कॉलेज में छिपे आरोपियों को थाने भेजने के बाद अभी घटना की जानकारी ले रही थी कि अचानक लोगों का हुजूम सड़क पर उमड़ पड़ा। लोगों ने मारपीट के दौरान सिर में चोट लगने से करन की मौत का आरोप लगाते हुए चकबंदी चौराहा पर सड़क जाम कर दी। वायरलेस सेट पर मैसेज पास होने के करीब आधे घंटे बाद कई थानों की पुलिस जुट गई लेकिन भीड़ में शामिल युवक और महिलाएं हाथों में डंडा लेकर पुलिस को धक्का देते हुए कॉलेज का गेट तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गईं। उग्र भीड़ ने स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया और प्रबंधक के कक्ष में दाखिल होने लगी। करीब आधे घंटे तक पुलिस उपद्रवियों को रोकती रही लेकिन युवकों ने प्रबंधक के कक्ष का दरवाजा तोड़ दिया। तीन घंटे तक कस्बे का माहौल अशांत रहा और पुलिस बैकफुट पर रही।
कप्तानगंज कस्बे के वार्ड नंबर 16 निवासी प्रिंस हाईस्कूल में एक निजी स्कूल में पढ़ता है। इसी स्कूल में मथौली का रहने वाला एक किशोर इंटर का छात्र है। तीन दिन पूर्व दोनों के बीच नल पर पानी पीने को लेकर विवाद हुआ था। प्रिंस ने इंटर के छात्र की पिटाई करने की धमकी दी थी। शुक्रवार को हाफ-डे के बाद छात्र कॉलेज से निकले। चकबंदी चौराहे पर प्रिंस व इसके साथ आए लड़कों ने इंटर के छात्र की पिटाई की। इंटर का छात्र और उसका चचेरा भाई सोनू कॉलेज के अंदर छिप गए। उधर मारपीट के दौरान चले ईंट पत्थर से चकबंदी चौराहा पर मौजूद 12 वर्षीय करन साहनी के सिर में चोट लग गई। लोग उसे लेकर सीएचसी पर पहुंचे। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके मौत के बाद भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिसकर्मियों ने रोका तो भीड़ में शामिल कुछ महिलाएं और युवक पुलिस पर ईंट पत्थर चलाने लगे और कॉलेज के गेट पर पहुंच गए। कॉलेज का गेट तोड़कर भीड़ अंदर दाखिल हो गई। भीड़ के निशाने पर कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य रहे। लोगों का आरोप था कि आरोपियों को कॉलेज के प्रबंधक ने ही छिपाया है। उपद्रवियों को राेकने के दौरान सिपाही रोशन त्रिपाठी के चेहरे पर ईंट लग गया। इसके अलावा दो सिपाहियों को हल्की चोटें आई। इस घटना के बाद से कस्बे का माहौल तनावपूर्ण रहा।
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कॉलेज को आग के हवाले करने की थी मंशा
-भीड़ में शामिल उपद्रवियों की मंशा कॉलेज को आग के हवाले करने की थी। इसकी भनक पुलिस को लग गई और पुलिस ने कॉलेज गेट से लेकर प्रबंधक कक्ष तक मोर्चाबंदी कर दी, इसके चलते उपद्रवी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। तनाव को देखते हुए देर शाम तक एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह और करीब आठ थाने की पुलिस जमी रही। चकबंदी चौक और मोहल्ला पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
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कॉलेज प्रशासन का कोई दोष नहीं : प्रबंधक
-एएसपी शाम चार बजे पहुंचे और सड़क जाम करने वालों से बात की। परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की की मांग की। एएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन शांत हो गए लेकिन भीड़ में शामिल हाथों में डंडा लिए युवक नहीं मान रहे थे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। इस घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं स्कूल के प्रबंधक ज्ञानेश्वर का कहना है कि तीन पहले दोनों छात्रों में नल पर पानी पीने के दौरान विवाद हुआ था। उन्हें डांटा गया था। आज छुट्टी होने के बाद चौक पर मारपीट की। कुछ छात्र कॉलेज में आ गए। फोन कर पुलिस को बुलाया और छात्रों को सुपुर्द कर दिया। बेवजह लोग कॉलेज को टारगेट बना रहे थे।
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मेरा बेटा बेकसूर, नाहक में चली गई जान
कप्तानगंज नगर के वार्ड नंबर 16 निवासी करन साहनी तीन भाई, तीन बहनों में छोटा था। वह कस्बे के गंगा बख्श कानोडिया कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था। आर्थिक रूप से काफी कमजोर परिवार है। इसके पिता रामभवन की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वहीं, बड़ा भाई किसी शहर में रहकर मजदूरी करता है। घर पर मां रंभावती देवी के साथ सभी बच्चे रहते हैं। करन की मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रंभावती देवी ने बताया कि मेरा बेटा चकबंदी चौराहे पर सामान खरीदने गया था। इस दौरान मारपीट के दौरान युवकों ने ईंट चलाकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के परिजनों में चीख-पुकार मच गई है।
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उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस पर पथराव और कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों की पहचान पुलिस सीसी टीवी कैमरे और मौके पर कराई गई वीडियोग्राफी से कर रही है। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि भीड़ में शामिल कुछ युवक और महिलाओं की मंसा शांतिव्यवस्था को बिगाड़ना था, इस लिए कोई बात करने के बजाए भीड़ को उकसाने और उग्र करने का कार्य किया गया।
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कप्तानगंज कस्बे के वार्ड नंबर 16 निवासी प्रिंस हाईस्कूल में एक निजी स्कूल में पढ़ता है। इसी स्कूल में मथौली का रहने वाला एक किशोर इंटर का छात्र है। तीन दिन पूर्व दोनों के बीच नल पर पानी पीने को लेकर विवाद हुआ था। प्रिंस ने इंटर के छात्र की पिटाई करने की धमकी दी थी। शुक्रवार को हाफ-डे के बाद छात्र कॉलेज से निकले। चकबंदी चौराहे पर प्रिंस व इसके साथ आए लड़कों ने इंटर के छात्र की पिटाई की। इंटर का छात्र और उसका चचेरा भाई सोनू कॉलेज के अंदर छिप गए। उधर मारपीट के दौरान चले ईंट पत्थर से चकबंदी चौराहा पर मौजूद 12 वर्षीय करन साहनी के सिर में चोट लग गई। लोग उसे लेकर सीएचसी पर पहुंचे। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके मौत के बाद भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिसकर्मियों ने रोका तो भीड़ में शामिल कुछ महिलाएं और युवक पुलिस पर ईंट पत्थर चलाने लगे और कॉलेज के गेट पर पहुंच गए। कॉलेज का गेट तोड़कर भीड़ अंदर दाखिल हो गई। भीड़ के निशाने पर कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य रहे। लोगों का आरोप था कि आरोपियों को कॉलेज के प्रबंधक ने ही छिपाया है। उपद्रवियों को राेकने के दौरान सिपाही रोशन त्रिपाठी के चेहरे पर ईंट लग गया। इसके अलावा दो सिपाहियों को हल्की चोटें आई। इस घटना के बाद से कस्बे का माहौल तनावपूर्ण रहा।
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कॉलेज को आग के हवाले करने की थी मंशा
-भीड़ में शामिल उपद्रवियों की मंशा कॉलेज को आग के हवाले करने की थी। इसकी भनक पुलिस को लग गई और पुलिस ने कॉलेज गेट से लेकर प्रबंधक कक्ष तक मोर्चाबंदी कर दी, इसके चलते उपद्रवी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। तनाव को देखते हुए देर शाम तक एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह और करीब आठ थाने की पुलिस जमी रही। चकबंदी चौक और मोहल्ला पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
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कॉलेज प्रशासन का कोई दोष नहीं : प्रबंधक
-एएसपी शाम चार बजे पहुंचे और सड़क जाम करने वालों से बात की। परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की की मांग की। एएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन शांत हो गए लेकिन भीड़ में शामिल हाथों में डंडा लिए युवक नहीं मान रहे थे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। इस घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं स्कूल के प्रबंधक ज्ञानेश्वर का कहना है कि तीन पहले दोनों छात्रों में नल पर पानी पीने के दौरान विवाद हुआ था। उन्हें डांटा गया था। आज छुट्टी होने के बाद चौक पर मारपीट की। कुछ छात्र कॉलेज में आ गए। फोन कर पुलिस को बुलाया और छात्रों को सुपुर्द कर दिया। बेवजह लोग कॉलेज को टारगेट बना रहे थे।
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मेरा बेटा बेकसूर, नाहक में चली गई जान
कप्तानगंज नगर के वार्ड नंबर 16 निवासी करन साहनी तीन भाई, तीन बहनों में छोटा था। वह कस्बे के गंगा बख्श कानोडिया कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था। आर्थिक रूप से काफी कमजोर परिवार है। इसके पिता रामभवन की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वहीं, बड़ा भाई किसी शहर में रहकर मजदूरी करता है। घर पर मां रंभावती देवी के साथ सभी बच्चे रहते हैं। करन की मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रंभावती देवी ने बताया कि मेरा बेटा चकबंदी चौराहे पर सामान खरीदने गया था। इस दौरान मारपीट के दौरान युवकों ने ईंट चलाकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के परिजनों में चीख-पुकार मच गई है।
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उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस पर पथराव और कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों की पहचान पुलिस सीसी टीवी कैमरे और मौके पर कराई गई वीडियोग्राफी से कर रही है। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि भीड़ में शामिल कुछ युवक और महिलाओं की मंसा शांतिव्यवस्था को बिगाड़ना था, इस लिए कोई बात करने के बजाए भीड़ को उकसाने और उग्र करने का कार्य किया गया।

करन साहनी की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन।संवाद