{"_id":"6a7f7bc3a0d61d816d05fdd6","slug":"passport-made-on-fake-identity-card-fir-against-two-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-165788-2026-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: फर्जी पहचानपत्र पर बनवाया पासपोर्ट, दो पर प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: फर्जी पहचानपत्र पर बनवाया पासपोर्ट, दो पर प्राथमिकी
Sat, 15 Aug 2026 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 15 Aug 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पासपोर्ट हासिल करने के मामले में कसया पुलिस ने युवक और एजेंट पर प्राथमिकी दर्ज की है। पासपोर्ट अधिकारी की जांच रिपोर्ट में कूटरचित आधार कार्ड और निर्वाचन पहचान पत्र के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
पासपोर्ट बनवाने वाले गोरखपुर के रहने वाले एजेंट की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। पुलिस इस नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
कसया थाना क्षेत्र चिरगोड़ा के बबलू यादव ने वर्ष 2011 में अपना पहला पासपोर्ट बनवाया था। उसके आधार पर वह वर्ष 2012 में रोजगार के लिए कुवैत गया और 2015 में भारत लौटा।
पासपोर्ट में फोटो स्पष्ट नहीं होने के कारण बाद में उसका नवीनीकरण कराया गया। उसका नया पासपोर्ट 13 जून 2016 से 12 जून 2026 तक वैधता के साथ जारी हुआ। इसके बाद वह फिर कुवैत गया और वर्ष 2017 में भारत लौटा। यहां आने के बाद उसका पासपोर्ट गुम हो गया।
विज्ञापन
नया पासपोर्ट बनवाने के लिए वह क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गोरखपुर पहुंचा। वहां उसकी मुलाकात दिनेश नाम के जालसाज से हुई, जिसने खुद को एजेंट बताया।
आरोप है कि एजेंट ने बबलू का असली दस्तावेज ले लिया और उसकी वास्तविक पहचान छिपाते हुए बृजभूषण यादव के नाम से दूसरा पासपोर्ट बनवा दिया। जांच में सामने आया कि बबलू यादव ने फर्जी पहचानपत्र से जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल नहीं किया।
इस बीच उसका मूल पासपोर्ट दोबारा मिल गया और उसी के आधार पर वह वर्ष 2020 में दुबई तथा 2024 में सऊदी अरब गया। वर्ष 2026 में सऊदी अरब में मूल पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने पर पासपोर्ट प्रणाली में बृजभूषण यादव के नाम से जारी दूसरा पासपोर्ट जारी होना पकड़ा गया।
इसके बाद सऊदी अरब के सक्षम अधिकारी ने इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी कर उसे भारत वापस भेज दिया। पासपोर्ट आवेदन पत्र और संलग्न दस्तावेजों की जांच में बृजभूषण यादव के नाम से लगाए गए आधार कार्ड और निर्वाचन पहचान पत्र में कूटरचना की पुष्टि हुई।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पासपोर्ट हासिल किया गया था। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में कहा है कि पूछताछ में बबलू ने एजेंट के माध्यम से पासपोर्ट बनवाने की जानकारी दी लेकिन एजेंट का पूरा नाम, पता या मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं करा सका।
फर्जी पासपोर्ट बनवाने में किसी एजेंट अथवा संगठित गिरोह की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता। जांच में पता चला कि आरोपी बबलू बृजभूषण के नाम से बनवाए गए पासपोर्ट पर यात्रा नहीं की गई है।
इस फर्जीवाड़े के खेल का पता लगाने में पुलिस जुटी है। सीओ डाॅ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि दरोगा रुद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी विवेचना चल रही है।
विज्ञापन
पासपोर्ट बनवाने वाले गोरखपुर के रहने वाले एजेंट की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। पुलिस इस नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
कसया थाना क्षेत्र चिरगोड़ा के बबलू यादव ने वर्ष 2011 में अपना पहला पासपोर्ट बनवाया था। उसके आधार पर वह वर्ष 2012 में रोजगार के लिए कुवैत गया और 2015 में भारत लौटा।
विज्ञापन
पासपोर्ट में फोटो स्पष्ट नहीं होने के कारण बाद में उसका नवीनीकरण कराया गया। उसका नया पासपोर्ट 13 जून 2016 से 12 जून 2026 तक वैधता के साथ जारी हुआ। इसके बाद वह फिर कुवैत गया और वर्ष 2017 में भारत लौटा। यहां आने के बाद उसका पासपोर्ट गुम हो गया।
विज्ञापन
नया पासपोर्ट बनवाने के लिए वह क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गोरखपुर पहुंचा। वहां उसकी मुलाकात दिनेश नाम के जालसाज से हुई, जिसने खुद को एजेंट बताया।
आरोप है कि एजेंट ने बबलू का असली दस्तावेज ले लिया और उसकी वास्तविक पहचान छिपाते हुए बृजभूषण यादव के नाम से दूसरा पासपोर्ट बनवा दिया। जांच में सामने आया कि बबलू यादव ने फर्जी पहचानपत्र से जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल नहीं किया।
इस बीच उसका मूल पासपोर्ट दोबारा मिल गया और उसी के आधार पर वह वर्ष 2020 में दुबई तथा 2024 में सऊदी अरब गया। वर्ष 2026 में सऊदी अरब में मूल पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने पर पासपोर्ट प्रणाली में बृजभूषण यादव के नाम से जारी दूसरा पासपोर्ट जारी होना पकड़ा गया।
इसके बाद सऊदी अरब के सक्षम अधिकारी ने इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी कर उसे भारत वापस भेज दिया। पासपोर्ट आवेदन पत्र और संलग्न दस्तावेजों की जांच में बृजभूषण यादव के नाम से लगाए गए आधार कार्ड और निर्वाचन पहचान पत्र में कूटरचना की पुष्टि हुई।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पासपोर्ट हासिल किया गया था। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में कहा है कि पूछताछ में बबलू ने एजेंट के माध्यम से पासपोर्ट बनवाने की जानकारी दी लेकिन एजेंट का पूरा नाम, पता या मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं करा सका।
फर्जी पासपोर्ट बनवाने में किसी एजेंट अथवा संगठित गिरोह की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता। जांच में पता चला कि आरोपी बबलू बृजभूषण के नाम से बनवाए गए पासपोर्ट पर यात्रा नहीं की गई है।
इस फर्जीवाड़े के खेल का पता लगाने में पुलिस जुटी है। सीओ डाॅ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि दरोगा रुद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी विवेचना चल रही है।