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Kushinagar News: मंदिरों में गूंजे मां कूष्मांडा जयकारे, श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि का मांगा आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:41 AM IST
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बनकटवा के समय माता मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
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संतकबीरनगर। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन रविवार को माता के चतुर्थ स्वरूप कूष्मांडा की पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने मां कुष्मांडा की पूजा कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। घरों और मंदिरों में मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की आरती गूंजी। देवी मंदिरों में सुबह कपाट खुले तो भक्तों का तांता लगा गया।
नवरात्र के चौथे दिन माॅ दुर्गा के चौथे रूप मॉ कुष्मांडा की आराधना की जाती है। अपनी मंद व दिव्य मुस्कान के द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा के नाम से जाना जाता है। जब चारों तरफ अंधकार ही अंधकार था तो इस देवी ने शक्ति से ब्रह्मांड की थी। इसीलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति कहा जाता है। इन्हें सुख, शांति और समृद्ध की देवी भी कहा जाता है।
समय माता मंदिर के पुजारी सोनू मिश्र ने बताया कि भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद मां कूष्मांडा की आराधना करते हैं। खलीलाबाद के समय माता मंदिर, उस्का कला की वन देवी मंदिर, लहुरादेवा में समय माता मंदिर, कोपिया की समय माता मंदिर, चकदही की समय माता मंदिर, बरईपार की हट्टी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में लोगों ने विधि विधान से पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। शाम को भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
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नवरात्र के चौथे दिन माॅ दुर्गा के चौथे रूप मॉ कुष्मांडा की आराधना की जाती है। अपनी मंद व दिव्य मुस्कान के द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा के नाम से जाना जाता है। जब चारों तरफ अंधकार ही अंधकार था तो इस देवी ने शक्ति से ब्रह्मांड की थी। इसीलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति कहा जाता है। इन्हें सुख, शांति और समृद्ध की देवी भी कहा जाता है।
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समय माता मंदिर के पुजारी सोनू मिश्र ने बताया कि भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद मां कूष्मांडा की आराधना करते हैं। खलीलाबाद के समय माता मंदिर, उस्का कला की वन देवी मंदिर, लहुरादेवा में समय माता मंदिर, कोपिया की समय माता मंदिर, चकदही की समय माता मंदिर, बरईपार की हट्टी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में लोगों ने विधि विधान से पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। शाम को भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।

बनकटवा के समय माता मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद

बनकटवा के समय माता मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद