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Kushinagar News: आजादी की पूर्व संध्या पर गूंजा सामूहिक वंदे मातरम
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कसया। आजादी की पूर्व संध्या पर विद्या भारती के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को महर्षि अरविंद विद्या मंदिर के प्रांगण में वंदे मातरम गायन हुआ। छात्र-छात्राओं, गणमान्य नागरिकों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक ने सहभागिता की।
प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि करीब 150 वर्ष पहले महान दार्शनिक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् की रचना की थी। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के लिए देश के प्रति सर्वस्व समर्पण का मंत्र बन गया था। उन्होंने कहा कि भारत केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि मातृभूमि है। वंदे मातरम् ने इसी भावना को मजबूती देने के साथ स्वतंत्रता सेनानियों में नई ऊर्जा का संचार किया।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला गीत है। युवाओं को देश से जुड़े गुलामी के प्रतीकों को हटाने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए आगे आना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीकाजी कामा और पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। अतिथियों का स्वागत प्रबंधक डॉ. अनिल कुमार सिन्हा और आभार प्रधानाचार्य धर्मेंद्र मिश्र ने व्यक्त किया। इस दौरान विनोद कांत मिश्र, प्रो. अनुज कुमार, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, गविश उपाध्याय, जनार्दन, जगदीश, महेंद्र, देवेंद्र सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि करीब 150 वर्ष पहले महान दार्शनिक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् की रचना की थी। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के लिए देश के प्रति सर्वस्व समर्पण का मंत्र बन गया था। उन्होंने कहा कि भारत केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि मातृभूमि है। वंदे मातरम् ने इसी भावना को मजबूती देने के साथ स्वतंत्रता सेनानियों में नई ऊर्जा का संचार किया।
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उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला गीत है। युवाओं को देश से जुड़े गुलामी के प्रतीकों को हटाने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए आगे आना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीकाजी कामा और पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। अतिथियों का स्वागत प्रबंधक डॉ. अनिल कुमार सिन्हा और आभार प्रधानाचार्य धर्मेंद्र मिश्र ने व्यक्त किया। इस दौरान विनोद कांत मिश्र, प्रो. अनुज कुमार, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, गविश उपाध्याय, जनार्दन, जगदीश, महेंद्र, देवेंद्र सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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