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Kushinagar News: ट्रेन छूट गई तो 10 की जगह 50 रुपये देना पड़ता है किराया
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:10 AM IST
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तमकुहीरोड। परिवहन निगम की तरफ से संचालित निगम की बसों का संचालन सेवरही कस्बे तक ही होता है। यहां से बिहार की तरफ से जाने के लिए ट्रेन ही एकमात्र साधन है।
बाजार करने समेत अन्य कार्यों से सेवहरी आए जिले के तिनफेड़िया, तरयासुजान समेत यूपी व बिहार के सीमावर्ती गांवों के लोगों की यदि ट्रेन छूट गई, तो उन्हें 10 रुपये की जगह 50-60 रुपये किराया देकर डग्गामार वाहनों से घर जाना पड़ता है।
प्रदेश के अंतिम छोर स्थित तरयासुजान और तिनफेड़ीया समेत पड़ोसी राज्य बिहार के लोगों के लिए सेवरही नजदीक का सबसे बड़ा व्तावसायिक केंद्र है। इन गांयों के लोग सेवरही में ही अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों की खरीदारी के लिए आते हैं। इन गांव के लोगों को दवा कराने जिला मुख्यालय रविंद्रनगर या गोरखपुर जाने के लिए भी सेवरही आना पड़ता है। सेवरही से उन्हें घर की तरफ से जाने के लिए ट्रेन की एक मात्र साधन है।
इस रूट पर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी यहां नहीं है। इससे यहां के लोगों को व्यापार करने अथवा लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए तमकुहीरोड आना पड़ता है। तमकुहीरोड आने के लिए इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन ही एक मात्र साधन है। यदि किसी कारण यह ट्रेन छूट गई, तो उन्हें ट्रेन के 10 रुपये किराया की जगह 50-60 रुपये खर्चकर टेंपो या ई-रिक्शा से घर लौटना पड़ता है।
जिला पंचायत सदस्य बच्चा राय, तरयासुजान के प्रधान कृष्णा राय, गोविंद वर्मा, पंकज आर्य आदि का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए परिवहन सेवा जरूरी है। रोडवेज बस सेवा से यह क्षेत्र वंचित है। यदि तरयासुजन, तिनफेड़िया के रास्ते बिहार के गोपालगंज तक बस सेवा का संचालन शुरू हो जाए तो लोगों को आवागमन की समस्या से निजात मिल जाएगी।
इस संबंध में पडरौना डिपो के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने बताया कि जिले के ग्रामीण इलाकों में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत वाहन स्वामियों से आवेदन मांगे गए हैं। अनुबंध पूरा होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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बाजार करने समेत अन्य कार्यों से सेवहरी आए जिले के तिनफेड़िया, तरयासुजान समेत यूपी व बिहार के सीमावर्ती गांवों के लोगों की यदि ट्रेन छूट गई, तो उन्हें 10 रुपये की जगह 50-60 रुपये किराया देकर डग्गामार वाहनों से घर जाना पड़ता है।
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प्रदेश के अंतिम छोर स्थित तरयासुजान और तिनफेड़ीया समेत पड़ोसी राज्य बिहार के लोगों के लिए सेवरही नजदीक का सबसे बड़ा व्तावसायिक केंद्र है। इन गांयों के लोग सेवरही में ही अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों की खरीदारी के लिए आते हैं। इन गांव के लोगों को दवा कराने जिला मुख्यालय रविंद्रनगर या गोरखपुर जाने के लिए भी सेवरही आना पड़ता है। सेवरही से उन्हें घर की तरफ से जाने के लिए ट्रेन की एक मात्र साधन है।
इस रूट पर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी यहां नहीं है। इससे यहां के लोगों को व्यापार करने अथवा लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए तमकुहीरोड आना पड़ता है। तमकुहीरोड आने के लिए इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन ही एक मात्र साधन है। यदि किसी कारण यह ट्रेन छूट गई, तो उन्हें ट्रेन के 10 रुपये किराया की जगह 50-60 रुपये खर्चकर टेंपो या ई-रिक्शा से घर लौटना पड़ता है।
जिला पंचायत सदस्य बच्चा राय, तरयासुजान के प्रधान कृष्णा राय, गोविंद वर्मा, पंकज आर्य आदि का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए परिवहन सेवा जरूरी है। रोडवेज बस सेवा से यह क्षेत्र वंचित है। यदि तरयासुजन, तिनफेड़िया के रास्ते बिहार के गोपालगंज तक बस सेवा का संचालन शुरू हो जाए तो लोगों को आवागमन की समस्या से निजात मिल जाएगी।
इस संबंध में पडरौना डिपो के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने बताया कि जिले के ग्रामीण इलाकों में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत वाहन स्वामियों से आवेदन मांगे गए हैं। अनुबंध पूरा होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा।