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Kushinagar News: करन साहनी की हत्या ने 21 साल पुरानी पुलिस और भीड़ के बीच हुए विवाद को किया ताजा
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कप्तानगंज। कस्बे के चकबंदी चौराहे पर शुक्रवार दोपहर छात्रों के दो गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष में करन साहनी की मौत के बाद करीब तीन घंटे तक चले बवाल ने 21 वर्ष पुरानी घटना की यादें ताजा कर दीं। करन की मौत से आक्रोशित भीड़ ने कप्तानगंज-हाटा मार्ग जाम कर दिया और आरोपी को स्कूल में छिपाए जाने का आरोप लगाते हुए वहां तोड़फोड़ की। स्थिति संभालने के लिए कप्तानगंज के अलावा जिले के कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान पुलिस और कुछ लोग घायल भी हुए।
घटना के बाद क्षेत्र में वर्ष 2005 में चकबंदी चौराहे पर हुई घटना की चर्चा होने लगी। उस समय जिले में चोरी की घटनाएं बढ़ने के कारण लोग काफी सतर्क रहते थे। इसी दौरान चकबंदी चौराहे पर एक व्यक्ति पहुंचा, जिसने ऊपर दो शर्ट और पैंट पहन रखी थी। उसके हुलिए को देखकर वहां मौजूद लोगों को उस पर चोर होने का शक हुआ। लोगों ने उसे घेरकर एक कमरे में बंद कर दिया।
घटना की जानकारी तत्कालीन एसओ राजवीर सिंह को हुई तो वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ ने पुलिस पर रुपये लेकर संदिग्ध को छोड़ने का आरोप लगाया और उसे पुलिस के हवाले नहीं किया, पुलिस जब संदिग्ध व्यक्ति को जबरन अपने वाहन में बैठाकर थाने ले जाने लगी तो भीड़ उग्र हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन मामला शांत नहीं हुआ और भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ सात क्रिमिनल एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। सभी आरोपियों को जेल भेजा गया था। बताया जाता है कि इस मामले की सुनवाई अभी जिला सिविल कोर्ट में चल रही है।
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घटना के बाद क्षेत्र में वर्ष 2005 में चकबंदी चौराहे पर हुई घटना की चर्चा होने लगी। उस समय जिले में चोरी की घटनाएं बढ़ने के कारण लोग काफी सतर्क रहते थे। इसी दौरान चकबंदी चौराहे पर एक व्यक्ति पहुंचा, जिसने ऊपर दो शर्ट और पैंट पहन रखी थी। उसके हुलिए को देखकर वहां मौजूद लोगों को उस पर चोर होने का शक हुआ। लोगों ने उसे घेरकर एक कमरे में बंद कर दिया।
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घटना की जानकारी तत्कालीन एसओ राजवीर सिंह को हुई तो वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ ने पुलिस पर रुपये लेकर संदिग्ध को छोड़ने का आरोप लगाया और उसे पुलिस के हवाले नहीं किया, पुलिस जब संदिग्ध व्यक्ति को जबरन अपने वाहन में बैठाकर थाने ले जाने लगी तो भीड़ उग्र हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन मामला शांत नहीं हुआ और भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ सात क्रिमिनल एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। सभी आरोपियों को जेल भेजा गया था। बताया जाता है कि इस मामले की सुनवाई अभी जिला सिविल कोर्ट में चल रही है।
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