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Kushinagar News: बांध पर बने गड्ढों को भरने के लिए प्रदर्शन
Fri, 31 Jul 2026 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:16 AM IST
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एपी बांध वाली सड़क के मरम्मत की मांग करते ग्रामीण।संवाद
- फोटो : Archive
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तमकुहीरोड। जंगली पट्टी से अहिरौलीदान तक लगभग चौदह किलोमीटर लंबे बांध पर जगह-जगह गड्ढे बनने को लेकर ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया।
आरोप है कि बाढ़ खंड की ओर से हर वर्ष बाढ़ बचाव के लिए बोल्डर लदे भारी वाहनों को बंधे के रास्ते ही ले जाया जाता है,इसके चलते बांध में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे तटवर्ती इलाके के गांवों के लोगों को आवागमन के दौरान परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि जंगली पट्टी से अहिरौलीदान तक लगभग चौदह किलोमीटर दूरी में बाध / सड़क बनाई गई है। इसका इस्तेमाल तटवर्ती इलाके के लोग आवाजाही के लिए करते है, वहीं बाढ़ खंड विभाग नारायणी ( गंडक) नदी के प्रकोप से बचाने के दौरान हर साल बरसात के चार महीनों में यहां बोल्डर से लदे भारी वाहनों की आवाजाही से बांध / सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे घघवा जगदीश, जवही दयाल, विरवट कोन्हवलिया, बांक खाश, बाघा चौर, नोनियापट्टी से अहिरौलीदान तक जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है।
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इस मौके पर अवधेश राय, योद्धा निषाद, हंसराज यादव, सीताराम निषाद, गौरीशंकर यादव, ओम प्रकाश कुशवाहा, मुक्तिनाथ गुप्ता, जवाहर साहनी, ठग निषाद आदि मौजूद रहे।
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आरोप है कि बाढ़ खंड की ओर से हर वर्ष बाढ़ बचाव के लिए बोल्डर लदे भारी वाहनों को बंधे के रास्ते ही ले जाया जाता है,इसके चलते बांध में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे तटवर्ती इलाके के गांवों के लोगों को आवागमन के दौरान परेशानी हो रही है।
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गौरतलब है कि जंगली पट्टी से अहिरौलीदान तक लगभग चौदह किलोमीटर दूरी में बाध / सड़क बनाई गई है। इसका इस्तेमाल तटवर्ती इलाके के लोग आवाजाही के लिए करते है, वहीं बाढ़ खंड विभाग नारायणी ( गंडक) नदी के प्रकोप से बचाने के दौरान हर साल बरसात के चार महीनों में यहां बोल्डर से लदे भारी वाहनों की आवाजाही से बांध / सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे घघवा जगदीश, जवही दयाल, विरवट कोन्हवलिया, बांक खाश, बाघा चौर, नोनियापट्टी से अहिरौलीदान तक जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है।
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इस मौके पर अवधेश राय, योद्धा निषाद, हंसराज यादव, सीताराम निषाद, गौरीशंकर यादव, ओम प्रकाश कुशवाहा, मुक्तिनाथ गुप्ता, जवाहर साहनी, ठग निषाद आदि मौजूद रहे।