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Kushinagar News: डीआईओएस दफ्तर के गेट पर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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पडौना। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट ने बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय गेट पर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और माध्यमिक शिक्षकों का राजकीयकरण करने की मांग की। शिक्षक नेताओं ने चेताया कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन अधिनियम 2023 से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा कमजोर हुई है। जब तक माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण नहीं हो जाता तब तक सरकार सेवा सुरक्षा बहाल रखे। अटेवा के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कोई भीख नहीं, बल्कि शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों का हक है। एक तरफ सांसद और विधायकों को चार-चार पेंशन दी जा रही है, वहीं शिक्षकों, कर्मचारियों की पेंशन समाप्त कर दी गई है। पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को भी पेंशन नहीं दी जा रही है। उन्होंने चेताया कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता को सौंपा। इसमें वेतन भुगतान, एरियर, बोर्ड पारिश्रमिक, परीक्षा मूल्यांकन, मानव संपदा तथा एनपीएस में शिक्षकों के डेटा में त्रुटियों को संशोधित करने की मांग की गई। धरने को घनश्याम तिवारी, उमाकांत मिश्रा, प्रमोद मौर्या, बृजेंद्र सिंह, संतोष बरनवाल, अरुणेश कृष्ण त्रिपाठी, अखिलेश सिंह, रमेश सिंह, नंदलाल पाल आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने की और संचालन डॉ. घनश्याम तिवारी व योगेश यादव ने किया।
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इस दौरान राजकुमार वर्मा, संजय गुप्ता, ज्ञानशंकर पांडेय, राजेंद्र प्रसाद, नीतीश कुमार श्रीवास्तव, गोविंद श्रीवास्तव, शैलेश सिंह, शैलेश मिश्रा, सुनील मिश्रा, अभिषेक पांडेय, विपिन कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन अधिनियम 2023 से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा कमजोर हुई है। जब तक माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण नहीं हो जाता तब तक सरकार सेवा सुरक्षा बहाल रखे। अटेवा के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कोई भीख नहीं, बल्कि शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों का हक है। एक तरफ सांसद और विधायकों को चार-चार पेंशन दी जा रही है, वहीं शिक्षकों, कर्मचारियों की पेंशन समाप्त कर दी गई है। पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को भी पेंशन नहीं दी जा रही है। उन्होंने चेताया कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता को सौंपा। इसमें वेतन भुगतान, एरियर, बोर्ड पारिश्रमिक, परीक्षा मूल्यांकन, मानव संपदा तथा एनपीएस में शिक्षकों के डेटा में त्रुटियों को संशोधित करने की मांग की गई। धरने को घनश्याम तिवारी, उमाकांत मिश्रा, प्रमोद मौर्या, बृजेंद्र सिंह, संतोष बरनवाल, अरुणेश कृष्ण त्रिपाठी, अखिलेश सिंह, रमेश सिंह, नंदलाल पाल आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने की और संचालन डॉ. घनश्याम तिवारी व योगेश यादव ने किया।
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इस दौरान राजकुमार वर्मा, संजय गुप्ता, ज्ञानशंकर पांडेय, राजेंद्र प्रसाद, नीतीश कुमार श्रीवास्तव, गोविंद श्रीवास्तव, शैलेश सिंह, शैलेश मिश्रा, सुनील मिश्रा, अभिषेक पांडेय, विपिन कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।