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Kushinagar News: बारिश ने खोली जलनिकासी की पोल, निचले इलाकों में घरों में घुसा पानी
Sat, 11 Jul 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 11 Jul 2026 02:38 AM IST
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पडरौना शहर के कठकुईया मोड़ सड़क पर लगा बारिश का पानी।संवाद
- फोटो : Archive
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पडरौना। बृहस्पतिवार को शुरू हुई बूंदाबांदी शुक्रवार सुबह तक जारी रही। रुक-रुक कर हुई बारिश ने भले ही उमस भरी गमी से कुछ देर के लिए राहत दिलाई, लेकिन शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। नौका टोला समेत शहर के निचले इलाकों की सड़कों पर घुटने भर पानी भर गया।
कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोग घर का सामान बचाने में जुटे रहे। नालों की सफाई न होने और नालियों के जाम होने से दोपहर तक करीब कुल मिलाकर करीब एक घंटे की बारिश ने शहर के कई सड़कों को जलमग्न कर दिया। दोपहर में बारिश बंद होने केबाद करीब तीन दो बजे धूप निकली तो उमस भरी गर्मी फिर बढ़ गई।
शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे से दोपहर करीब एक बजे तक कभी रिमझिम तो कभी हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया। आधे घंटे की बारिश के बाद ही शहर के मोहल्लों की सड़कों के अलावा कुछ प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। सबसे ज्यादा दिक्कत नौका टोला, राजपूत कॉलोनी, कठकुइयां मोड, जमालपुर, मिश्रा कॉलोनी में हुई। यहां सड़क से नीचे बने कई मकानों में नाली का पानी घुस गया। बारिश बंद होने के बाद लोग बाल्टी और मग से पानी निकालते नजर आए।
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कठकुइयां रोड स्थित ब्लॉक परिसर और सुभाष चौक स्थित पशु अस्पताल परिसर में भी पानी भर गया। नौका टोला मोहल्ला और कठकुइयां रोड पर पर तो सड़क पर एक से डेढ़ फीट पानी भर गया। इसके चलते ई-रिक्शा और बाइक बंद होकर बीच सड़क पर खड़े हो जा रहे थे। स्कूली बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई जगह मैनहोल के ढक्कन उखड़ने से हादसे का डर बना रहा। बारिश बंद के करीब आधे घंटे सड़क पर एकत्र बारिश का पानी धीरे-धीरे नालियों के रास्ते निकल गया।
शहर के लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई। जगह-जगह कचरा और पॉलीथिन से नालियां जाम हैं। बारिश का पानी सड़क पर फैल रहा है। नालियों की सफाई के लिए वार्ड के सभासद समेत नगर पालिका प्रशासन को कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं। जब तक छोटे नालों के साथ बड़े नालों सफाई नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में यही हाल रहेगा।
लोगों का कहना है कि मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिन रुक-रुक कर बारिश होगी। ऐसे में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। सक्रिय मानसून और बंगाल की खाड़ी से उठे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कुशीनगर और आसपास के पूर्वी यूपी के इलाकों में मौसम पूरी तरह मेहरबान है। 16 जुलाई तक गरज-चमक के साथ लगातार बारिश और बौछारें पड़ने का अनुमान है।
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कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोग घर का सामान बचाने में जुटे रहे। नालों की सफाई न होने और नालियों के जाम होने से दोपहर तक करीब कुल मिलाकर करीब एक घंटे की बारिश ने शहर के कई सड़कों को जलमग्न कर दिया। दोपहर में बारिश बंद होने केबाद करीब तीन दो बजे धूप निकली तो उमस भरी गर्मी फिर बढ़ गई।
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शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे से दोपहर करीब एक बजे तक कभी रिमझिम तो कभी हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया। आधे घंटे की बारिश के बाद ही शहर के मोहल्लों की सड़कों के अलावा कुछ प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। सबसे ज्यादा दिक्कत नौका टोला, राजपूत कॉलोनी, कठकुइयां मोड, जमालपुर, मिश्रा कॉलोनी में हुई। यहां सड़क से नीचे बने कई मकानों में नाली का पानी घुस गया। बारिश बंद होने के बाद लोग बाल्टी और मग से पानी निकालते नजर आए।
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कठकुइयां रोड स्थित ब्लॉक परिसर और सुभाष चौक स्थित पशु अस्पताल परिसर में भी पानी भर गया। नौका टोला मोहल्ला और कठकुइयां रोड पर पर तो सड़क पर एक से डेढ़ फीट पानी भर गया। इसके चलते ई-रिक्शा और बाइक बंद होकर बीच सड़क पर खड़े हो जा रहे थे। स्कूली बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई जगह मैनहोल के ढक्कन उखड़ने से हादसे का डर बना रहा। बारिश बंद के करीब आधे घंटे सड़क पर एकत्र बारिश का पानी धीरे-धीरे नालियों के रास्ते निकल गया।
शहर के लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई। जगह-जगह कचरा और पॉलीथिन से नालियां जाम हैं। बारिश का पानी सड़क पर फैल रहा है। नालियों की सफाई के लिए वार्ड के सभासद समेत नगर पालिका प्रशासन को कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं। जब तक छोटे नालों के साथ बड़े नालों सफाई नहीं होगी, तब तक बारिश के मौसम में यही हाल रहेगा।
लोगों का कहना है कि मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिन रुक-रुक कर बारिश होगी। ऐसे में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। सक्रिय मानसून और बंगाल की खाड़ी से उठे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कुशीनगर और आसपास के पूर्वी यूपी के इलाकों में मौसम पूरी तरह मेहरबान है। 16 जुलाई तक गरज-चमक के साथ लगातार बारिश और बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पडरौना शहर के कठकुईया मोड़ सड़क पर लगा बारिश का पानी।संवाद- फोटो : Archive

पडरौना शहर के कठकुईया मोड़ सड़क पर लगा बारिश का पानी।संवाद- फोटो : Archive

पडरौना शहर के कठकुईया मोड़ सड़क पर लगा बारिश का पानी।संवाद- फोटो : Archive