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Kushinagar News: सितंबर से गुलजार होगा कृषि विश्वविद्यालय, पहले बैच में 80 छात्रों को मिलेगा प्रवेश
Sun, 19 Jul 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:39 AM IST
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कसया। महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही परिसर गुलजार हो जाएगा। पहले चरण में 80 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह शनिवार को महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवनों का जायजा लेते हुए कार्यों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में आगामी सितंबर सत्र से महानिदेशक ने शैक्षणिक भवनों के कक्ष, पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन और छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए।
महानिदेशक ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश यूपीकैटेट के माध्यम से होगा। पहले चरण में बीएससी (कृषि) और बीटेक (शुगर केन टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। दोनों पाठ्यक्रमों में प्रारंभिक तौर पर 40-40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों से युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही वे नवाचार और स्टार्टअप के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देंगे।
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उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पूर्वांचल के किसानों के लिए महत्वपूर्ण संस्थान साबित होगा। यहां विकसित होने वाली आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान और नवाचार किसानों तक पहुंचेंगे, जिससे कृषि उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को पूर्वांचल में कृषि क्रांति का केंद्र बताते हुए कहा कि यह शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रौद्योगिकी का प्रमुख संस्थान बनेगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कसया डॉ. संत राज सिंह बघेल, उपकार के उपमहानिदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह, बुद्ध पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनोद मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के अभियंता, वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु तिवारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह शनिवार को महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवनों का जायजा लेते हुए कार्यों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में आगामी सितंबर सत्र से महानिदेशक ने शैक्षणिक भवनों के कक्ष, पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन और छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए।
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महानिदेशक ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश यूपीकैटेट के माध्यम से होगा। पहले चरण में बीएससी (कृषि) और बीटेक (शुगर केन टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। दोनों पाठ्यक्रमों में प्रारंभिक तौर पर 40-40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों से युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही वे नवाचार और स्टार्टअप के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देंगे।
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उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पूर्वांचल के किसानों के लिए महत्वपूर्ण संस्थान साबित होगा। यहां विकसित होने वाली आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान और नवाचार किसानों तक पहुंचेंगे, जिससे कृषि उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को पूर्वांचल में कृषि क्रांति का केंद्र बताते हुए कहा कि यह शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रौद्योगिकी का प्रमुख संस्थान बनेगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कसया डॉ. संत राज सिंह बघेल, उपकार के उपमहानिदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह, बुद्ध पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनोद मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के अभियंता, वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु तिवारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।