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Kushinagar News: दो वर्ष पूर्व आंधी में गिरा पीपल का पेड़ हो गया सीधा...पूजा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:35 AM IST
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रायपुर में पिपल की पेड खड़े होने के बाद पूजा करतीं महिला ।स्रोत-सोशल मीडिया
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पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के रायपुर खास गांव के टोला रंगपुर के पश्चिम स्थित किसान के खेत में गिरा पुराना पीपल का सूखा वृक्ष एकाएक खड़ा हो गया। इसको क्षेत्र के लोग दैवीय बताकर पूजा अर्चन करने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वृक्ष करीब दो वर्ष पूर्व आई आंधी की चपेट में आकर गिर गया था। तब से यह खेत में ही पड़ा हुआ था। बुधवार को जब ग्रामीण खेत की ओर जाने वाले रास्ते से होकर गुजर रहे थे, तो अचानक उनकी नजर उस सूखे वृक्ष पर पड़ी। देखते ही देखते यह बात गांव में फैल गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी रहस्य की आशंका को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। गांव के प्रदीप दुबे, गोविंद, रामचंद्र, राजू, लल्लन, मंटू, महेश, अच्छेलाल, राजा, अशोक, नागेंद्र, सुभाष आदि ने बताया कि यह पुराना पीपल का पेड़ करीब दो साल पहले आंधी में गिर गया था। उस समय कुछ लोगों ने इसकी सूखी टहनियां काटकर अपने उपयोग के लिए उठा ले गए थे।
इधर, कुछ महिलाओं ने इस सूखे वृक्ष को चमत्कार मानते हुए उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। महिलाओं का कहना है कि पेड़ से जुड़ी कुछ असामान्य बातों को लेकर गांव में चर्चा है, जिससे लोगों की आस्था जुड़ती जा रही है। हालांकि गांव के कई लोग इसे सामान्य प्राकृतिक घटना मान रहे हैं। उनका कहना है कि आंधी में पेड़ का गिरना स्वाभाविक है। इसमें किसी प्रकार का रहस्य नहीं है। बावजूद इसके, जिज्ञासा और आस्था के चलते ग्रामीणों की भीड़ लगातार मौके पर पहुंच रही है। फिलहाल यह सूखा पीपल का पेड़ पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस संबंध में डीएफओ वरूण सिंह ने बताया कि इसके बारे में जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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बताया जा रहा है कि यह वृक्ष करीब दो वर्ष पूर्व आई आंधी की चपेट में आकर गिर गया था। तब से यह खेत में ही पड़ा हुआ था। बुधवार को जब ग्रामीण खेत की ओर जाने वाले रास्ते से होकर गुजर रहे थे, तो अचानक उनकी नजर उस सूखे वृक्ष पर पड़ी। देखते ही देखते यह बात गांव में फैल गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी रहस्य की आशंका को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। गांव के प्रदीप दुबे, गोविंद, रामचंद्र, राजू, लल्लन, मंटू, महेश, अच्छेलाल, राजा, अशोक, नागेंद्र, सुभाष आदि ने बताया कि यह पुराना पीपल का पेड़ करीब दो साल पहले आंधी में गिर गया था। उस समय कुछ लोगों ने इसकी सूखी टहनियां काटकर अपने उपयोग के लिए उठा ले गए थे।
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इधर, कुछ महिलाओं ने इस सूखे वृक्ष को चमत्कार मानते हुए उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। महिलाओं का कहना है कि पेड़ से जुड़ी कुछ असामान्य बातों को लेकर गांव में चर्चा है, जिससे लोगों की आस्था जुड़ती जा रही है। हालांकि गांव के कई लोग इसे सामान्य प्राकृतिक घटना मान रहे हैं। उनका कहना है कि आंधी में पेड़ का गिरना स्वाभाविक है। इसमें किसी प्रकार का रहस्य नहीं है। बावजूद इसके, जिज्ञासा और आस्था के चलते ग्रामीणों की भीड़ लगातार मौके पर पहुंच रही है। फिलहाल यह सूखा पीपल का पेड़ पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस संबंध में डीएफओ वरूण सिंह ने बताया कि इसके बारे में जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
