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Kushinagar News: दो बार बदला ट्रैफिक प्लान, फिर भी जाम से नहीं मिली निजात
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:24 AM IST
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राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर बघौच मोड़ पर स्टैंड बनाकर सवारी भरते चालक।स्रोत-सोशल मीडिया
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पडरौना। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन के प्रयासों पर लोगों की लापरवाही पानी फेर रही है। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए सीओ ने परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ 24 घंटे में दो बार ट्रैफिक प्लान बदला, फिर भी जाम से निजात नहीं मिल सकी। लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम की मुख्य वजह रोडवेज बस चालकों की मनमानी के साथ ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही और सड़क पर अतिक्रमण है। अतिक्रमण हटवाने के साथ ट्रैफिक प्लान का कड़ाई से पालन कराना भी जरूरी है। साथ ही हालांकि, शनिवार को यातायात पुलिस और होमगार्ड की सक्रियता से अपेक्षाकृत जाम की समस्या कम रही। शहर में आने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी कम हुई।
वैसे तो शहर के कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, दरबार रोड और जटहां रोड समेत सभी मुख्य मार्गों पर रुक-रुक कर पूरे दिन जाम की समस्या बनी रहती है। सबसे अधिक जाम की समस्या शहर के सुभाष चौक से छावनी तक होती है। इसकी वजह सुभाष चौक स्थित बने तिराहे पर रामकोला रोड, शहर की तरफ से जाने वाली कोतवाली रोड और जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क निकलती है। यही नहीं, सुभाष चौके के पास ही रोडवेज बस स्टेशन, पीएनबी, एसबीआई और एलआईसी का कार्यालय होने के अलावा सभी बड़े शॉपिंग माल हैं।
सुभाष चौक के पास गन्ना समिति के कार्यालय परिसर में प्राइवेट टेंपो स्टैंड हैं। यहां से रामकोला, कप्तानगंज व नेबुआ नौरंगियों की तरफ टेंपो जाते हैं। इसके अलावा सुभाष चौक से करीब 100 मीटर पश्चिम की तरफ से रामकोला रोड पर खड्डा और छितौनी प्राइवेट बस स्टैंड है। प्राइवेट बस चालक और टेंपो वाले सड़क पर अपने वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं। सुभाष चौक के पास ही रोडवेज बस स्टेशन है। यहां से पडरौना डिपो की 39 बसों के अलावा देवरिया, राप्तीनगर, गोरखपुर, हमीरपुर, लखनऊ और कानपुर की करीब 150 बसों का आवागमन होता है।
इन बसों के चालक बस स्टेशन परिसर में बस खड़ी करने के बजाय रामकोला रोड पर ही सवारी भरते थे। इसकी वजह से सुबह करीब दस बजे से शाम पांच बजे तक जाम की समस्या बनी रहती थी। इसको गंभीरता लेते हुए सीओ सदर ने शुक्रवार को बस स्टेशन से करीब ढाई किलोमीटर दूर छावनी स्थित पडरौना डिपो से बस को रोकवा दिया। पूरे दिन गोरखपुर से आने वाली परिवहन निगम की बसों को छावनी में रोक देने से यात्रियों को परेशानी के साथ परिवहन निगम की आमदनी भी कम हो गई। हालत यह थी कि बृहस्पतिवार को डिपो की आमदनी 4.31 लाख हुई, जबकि शुक्रवार को डिपो की आमदनी करीब तीन लाख रुपये रही।
शुक्रवार को हुए रूट डायवर्जन के बाद डिपो की आमदनी कम हुई तो परिवहन निगम के अधिकारियों ने सीओ सदर से वार्ता कर बसों को पडरौना बस स्टेशन तक जाने के लिए सहमति बनाई। इसका असर रहा कि शनिवार को पडरौना डिपो की आमदनी बढ़कर करीब दस लाख रुपये हो गई। उधर, सीओ ने परिवहन निगम की बसों को इस शर्त पर पडरौना बस स्टेशन तक बस ले जाने की अनुमति दी थी कि सभी बस चालक स्टेशन से निकलकर सीधे गंतव्य तक जाएंगे। रास्ते में न तो कोई बस चालक सवारी बैठाएगा और न ही सवारी उतारेगा। लेकिन, शनिवार को ही बस चालकों ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। हालत यह थी कि दोपहर 2:30 बजे पडरौना डिपो से गोरखपुर की तरफ से जा रही एक निगम की बस रामकोला रोड पर सवारी बैठाती मिली। दोपहर 2:45 बजे गोरखपुर की तरफ से आ रही निगम की दो और अनुबंधित बसें सुभाष चौक पर सवारी उतारती मिलीं। बस से जैसे ही यात्री उतरे उन्हें बैठाने के लिए ई-रिक्शा चालकों ने लाइन लगा दी। इसकी वजह से वहां कुछ देर के लिए जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, यातायात पुलिस और होमगार्ड की सक्रियता से जल्दी ही जाम खुल गया।
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सड़क पर अतिक्रमण जाम की असली वजह
शहर में सुभाष चौक सबसे व्यस्त चौराहा है। यहां पीएनबी, एसबीआई और एलआईसी कार्यालय होने के साथ चार शॉपिंग माल हैं। लेकिन, एसबीआई और एलआईसी के अलावा किसी के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। यही नहीं, दुकानदारों ने सड़क की पटरियाें पर अतिक्रमण कर लिया है। यहां खरीदारी करने आने वाले लोग अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा करते हैं। शाम करीब चार बजे के बाद पटरी व्यापारी भी सड़क तक दुकान सजाकर सब्जी, चाऊमीन, बर्गर आदि बेचते हैं। इससे यहां जाम की समस्या बनी रहती है।
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सड़क पर सवारी भरते हैं ई-रिक्शा चालक
तमाम प्रयास के बाद भी शहर में ई-रिक्शा और टेंपो चालकों की मनमानी कम नहीं हो रही है। सड़क पर दौड़ रहे ई-रिक्शा को कब और कहां रोककर चालक सवारी बैठाने या उतारने लगेंगे, इसका किसी को पता नहीं रहता है। उनकी लापरवाही का खामियाजा ई-रिक्शा के पीछे आ रहे वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। कई बार आगे चल रहे ई-रिक्शा के अचानक रुकने से पीछे से आ रहे वाहन चालक अनियंत्रित हो जाते हैं। इससे दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। शनिवार को दोपहर दो बजे सुभाष चौक पर पानी टंकी के पास ई-रिक्शा चालक सड़क पर रोककर सवारी उतारने लगा। दोपहर 2:15 बजे भी एक रिक्शा चालक सुभाष चौक के पास सड़क पर रोककर सवारी बैठाने लगा। इसकी वजह से वहां कुछ देर के लिए जाम लग गया।
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शहर में सुभाष चौक पर सुबह से शाम तक रुक-रुक कर कई बार जाम लगता है। इसकी वजह से बहुत जरूरी होने पर ही लोग इधर से गुजरते हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन को ठोस और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। -अबरार आलम, राहगीर।
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सुभाष चौक समेत शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम की मुख्य वजह दुकानदारों की तरफ से किया गया अतिक्रमण है। जब तक प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक जाम से निजात मिलनी मुश्किल है। -शंकर शरण दुबे, राहगीर।
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सड़क पर बस खड़ी कर चालक यात्रियों को बैठाते थे। इससे जाम की समस्या होने के अलावा बस पर चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों में दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। बस स्टेशन में सवारी बैठाने और उतारने का नियम परिवहन निगम का सराहनीय कदम है। -उमेश चौरसिया, यात्री।
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पडरौना की सड़कों पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। रूट चार्ट के बावजूद कई ई-रिक्शा चालक उसका पालन नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों के सवारी बैठाने और उतारने के अलावा बसें खड़ी होते ही कई ई-रिक्शा चालक लाइन लगा देते हैं। इसकी वजह से दुर्घटना की आंशका बनी रहती है। -उदित मिश्र, यात्री।
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शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नगर पालिका और तहसील प्रशासन से समन्वय स्थापित कर बहुत जल्द शहर में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। -सत्यप्रकाश सिंह, यातायात निरीक्षक, कुशीनगर।
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वैसे तो शहर के कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, दरबार रोड और जटहां रोड समेत सभी मुख्य मार्गों पर रुक-रुक कर पूरे दिन जाम की समस्या बनी रहती है। सबसे अधिक जाम की समस्या शहर के सुभाष चौक से छावनी तक होती है। इसकी वजह सुभाष चौक स्थित बने तिराहे पर रामकोला रोड, शहर की तरफ से जाने वाली कोतवाली रोड और जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क निकलती है। यही नहीं, सुभाष चौके के पास ही रोडवेज बस स्टेशन, पीएनबी, एसबीआई और एलआईसी का कार्यालय होने के अलावा सभी बड़े शॉपिंग माल हैं।
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सुभाष चौक के पास गन्ना समिति के कार्यालय परिसर में प्राइवेट टेंपो स्टैंड हैं। यहां से रामकोला, कप्तानगंज व नेबुआ नौरंगियों की तरफ टेंपो जाते हैं। इसके अलावा सुभाष चौक से करीब 100 मीटर पश्चिम की तरफ से रामकोला रोड पर खड्डा और छितौनी प्राइवेट बस स्टैंड है। प्राइवेट बस चालक और टेंपो वाले सड़क पर अपने वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं। सुभाष चौक के पास ही रोडवेज बस स्टेशन है। यहां से पडरौना डिपो की 39 बसों के अलावा देवरिया, राप्तीनगर, गोरखपुर, हमीरपुर, लखनऊ और कानपुर की करीब 150 बसों का आवागमन होता है।
इन बसों के चालक बस स्टेशन परिसर में बस खड़ी करने के बजाय रामकोला रोड पर ही सवारी भरते थे। इसकी वजह से सुबह करीब दस बजे से शाम पांच बजे तक जाम की समस्या बनी रहती थी। इसको गंभीरता लेते हुए सीओ सदर ने शुक्रवार को बस स्टेशन से करीब ढाई किलोमीटर दूर छावनी स्थित पडरौना डिपो से बस को रोकवा दिया। पूरे दिन गोरखपुर से आने वाली परिवहन निगम की बसों को छावनी में रोक देने से यात्रियों को परेशानी के साथ परिवहन निगम की आमदनी भी कम हो गई। हालत यह थी कि बृहस्पतिवार को डिपो की आमदनी 4.31 लाख हुई, जबकि शुक्रवार को डिपो की आमदनी करीब तीन लाख रुपये रही।
शुक्रवार को हुए रूट डायवर्जन के बाद डिपो की आमदनी कम हुई तो परिवहन निगम के अधिकारियों ने सीओ सदर से वार्ता कर बसों को पडरौना बस स्टेशन तक जाने के लिए सहमति बनाई। इसका असर रहा कि शनिवार को पडरौना डिपो की आमदनी बढ़कर करीब दस लाख रुपये हो गई। उधर, सीओ ने परिवहन निगम की बसों को इस शर्त पर पडरौना बस स्टेशन तक बस ले जाने की अनुमति दी थी कि सभी बस चालक स्टेशन से निकलकर सीधे गंतव्य तक जाएंगे। रास्ते में न तो कोई बस चालक सवारी बैठाएगा और न ही सवारी उतारेगा। लेकिन, शनिवार को ही बस चालकों ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। हालत यह थी कि दोपहर 2:30 बजे पडरौना डिपो से गोरखपुर की तरफ से जा रही एक निगम की बस रामकोला रोड पर सवारी बैठाती मिली। दोपहर 2:45 बजे गोरखपुर की तरफ से आ रही निगम की दो और अनुबंधित बसें सुभाष चौक पर सवारी उतारती मिलीं। बस से जैसे ही यात्री उतरे उन्हें बैठाने के लिए ई-रिक्शा चालकों ने लाइन लगा दी। इसकी वजह से वहां कुछ देर के लिए जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, यातायात पुलिस और होमगार्ड की सक्रियता से जल्दी ही जाम खुल गया।
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सड़क पर अतिक्रमण जाम की असली वजह
शहर में सुभाष चौक सबसे व्यस्त चौराहा है। यहां पीएनबी, एसबीआई और एलआईसी कार्यालय होने के साथ चार शॉपिंग माल हैं। लेकिन, एसबीआई और एलआईसी के अलावा किसी के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। यही नहीं, दुकानदारों ने सड़क की पटरियाें पर अतिक्रमण कर लिया है। यहां खरीदारी करने आने वाले लोग अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा करते हैं। शाम करीब चार बजे के बाद पटरी व्यापारी भी सड़क तक दुकान सजाकर सब्जी, चाऊमीन, बर्गर आदि बेचते हैं। इससे यहां जाम की समस्या बनी रहती है।
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सड़क पर सवारी भरते हैं ई-रिक्शा चालक
तमाम प्रयास के बाद भी शहर में ई-रिक्शा और टेंपो चालकों की मनमानी कम नहीं हो रही है। सड़क पर दौड़ रहे ई-रिक्शा को कब और कहां रोककर चालक सवारी बैठाने या उतारने लगेंगे, इसका किसी को पता नहीं रहता है। उनकी लापरवाही का खामियाजा ई-रिक्शा के पीछे आ रहे वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। कई बार आगे चल रहे ई-रिक्शा के अचानक रुकने से पीछे से आ रहे वाहन चालक अनियंत्रित हो जाते हैं। इससे दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। शनिवार को दोपहर दो बजे सुभाष चौक पर पानी टंकी के पास ई-रिक्शा चालक सड़क पर रोककर सवारी उतारने लगा। दोपहर 2:15 बजे भी एक रिक्शा चालक सुभाष चौक के पास सड़क पर रोककर सवारी बैठाने लगा। इसकी वजह से वहां कुछ देर के लिए जाम लग गया।
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शहर में सुभाष चौक पर सुबह से शाम तक रुक-रुक कर कई बार जाम लगता है। इसकी वजह से बहुत जरूरी होने पर ही लोग इधर से गुजरते हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन को ठोस और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। -अबरार आलम, राहगीर।
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सुभाष चौक समेत शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम की मुख्य वजह दुकानदारों की तरफ से किया गया अतिक्रमण है। जब तक प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक जाम से निजात मिलनी मुश्किल है। -शंकर शरण दुबे, राहगीर।
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सड़क पर बस खड़ी कर चालक यात्रियों को बैठाते थे। इससे जाम की समस्या होने के अलावा बस पर चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों में दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। बस स्टेशन में सवारी बैठाने और उतारने का नियम परिवहन निगम का सराहनीय कदम है। -उमेश चौरसिया, यात्री।
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पडरौना की सड़कों पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। रूट चार्ट के बावजूद कई ई-रिक्शा चालक उसका पालन नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों के सवारी बैठाने और उतारने के अलावा बसें खड़ी होते ही कई ई-रिक्शा चालक लाइन लगा देते हैं। इसकी वजह से दुर्घटना की आंशका बनी रहती है। -उदित मिश्र, यात्री।
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शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नगर पालिका और तहसील प्रशासन से समन्वय स्थापित कर बहुत जल्द शहर में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। -सत्यप्रकाश सिंह, यातायात निरीक्षक, कुशीनगर।

राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर बघौच मोड़ पर स्टैंड बनाकर सवारी भरते चालक।स्रोत-सोशल मीडिया
