{"_id":"6a7e2d8e176f28a74709230b","slug":"two-arrested-for-applying-for-passport-on-fake-certificate-kushinagar-news-c-205-1-ksh1035-165769-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: फर्जी प्रमाणपत्र पर पासपोर्ट के लिए किया आवेदन, दो गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: फर्जी प्रमाणपत्र पर पासपोर्ट के लिए किया आवेदन, दो गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कप्तानगंज। पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने के आरोप में पुलिस ने पश्चिम बंगाल की युवती समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन फर्जी मोहर, छह स्थानांतरण प्रमाणपत्र के प्रारूप, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक कूटरचित स्थानांतरण प्रमाणपत्र, मोबाइल फोन और 1074 रुपये बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कैंटिंग थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी प्रिया गुप्ता पिछले करीब 15 वर्षों से कप्तानगंज कस्बे के वार्ड नंबर चार चांदनी चौक में रह रही थी। यहां वह डांस और ब्यूटी पार्लर का काम करती थी। स्थानीय लोगों से जान-पहचान होने के कारण उसने कथित तौर पर कप्तानगंज के पते पर विभिन्न दस्तावेज तैयार करा लिए थे। प्रिया ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान चौकी प्रभारी सचिन दिवाकर ने उसके शैक्षिक प्रमाणपत्र की जांच की तो वह कूटरचित मिला। पूछताछ में युवती ने पुलिस को बताया कि पासपोर्ट के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्र जरूरी होने की जानकारी मिलने पर उसने रामकोला थाना क्षेत्र के रामपुर बगहा टोला साहबगंज निवासी अरविंद कुमार पुत्र रामभरोसा कनौजिया से संपर्क किया था। आरोप है कि अरविंद की मदद से कक्षा आठ का फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र तैयार कराया गया और उसी के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया।
थानाध्यक्ष धीरेंद्र राय ने बताया कि दोनों आरोपियों से थाने में पूछताछ की गई। दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान तीन फर्जी मोहर, छह स्थानांतरण प्रमाणपत्र के प्रारूप, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक कूटरचित स्थानांतरण प्रमाणपत्र, एक मोबाइल फोन और 1074 रुपये बरामद हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। ,
विज्ञापन
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कैंटिंग थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी प्रिया गुप्ता पिछले करीब 15 वर्षों से कप्तानगंज कस्बे के वार्ड नंबर चार चांदनी चौक में रह रही थी। यहां वह डांस और ब्यूटी पार्लर का काम करती थी। स्थानीय लोगों से जान-पहचान होने के कारण उसने कथित तौर पर कप्तानगंज के पते पर विभिन्न दस्तावेज तैयार करा लिए थे। प्रिया ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान चौकी प्रभारी सचिन दिवाकर ने उसके शैक्षिक प्रमाणपत्र की जांच की तो वह कूटरचित मिला। पूछताछ में युवती ने पुलिस को बताया कि पासपोर्ट के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्र जरूरी होने की जानकारी मिलने पर उसने रामकोला थाना क्षेत्र के रामपुर बगहा टोला साहबगंज निवासी अरविंद कुमार पुत्र रामभरोसा कनौजिया से संपर्क किया था। आरोप है कि अरविंद की मदद से कक्षा आठ का फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र तैयार कराया गया और उसी के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष धीरेंद्र राय ने बताया कि दोनों आरोपियों से थाने में पूछताछ की गई। दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान तीन फर्जी मोहर, छह स्थानांतरण प्रमाणपत्र के प्रारूप, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक कूटरचित स्थानांतरण प्रमाणपत्र, एक मोबाइल फोन और 1074 रुपये बरामद हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। ,
विज्ञापन