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Lakhimpur Kheri News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लखनऊ आंदोलन से पहले पदाधिकारी होम अरेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:27 PM IST
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लखीमपुर खीरी। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर नौ मार्च को लखनऊ के इको गार्डन में प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को संगठन की जिलाध्यक्ष, महामंत्री समेत कई पदाधिकारियों को पुलिस ने होम अरेस्ट कर निगरानी में ले लिया।
जिलाध्यक्ष राखी पांडेय ने बताया कि उनके घर के बाहर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। संगठन के महामंत्री कासिम को सदर कोतवाली ले जाने की सूचना है। अन्य पदाधिकारियों को भी घरों में नजरबंद किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। उपमा पांडेय और निशु सिंह ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी हैं और वे किसी भी हाल में आंदोलन में शामिल होने लखनऊ जाएंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही संगठन की ओर से कोई ज्ञापन मिला है।
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इन मांगों को लेकर आंदोलन
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
-वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी और महंगाई भत्ता लागू किया जाए।
-सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
-ऑनलाइन कार्य के लिए स्मार्ट फोन, रिचार्ज व भत्ता दिया जाए।
-न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक मानदेय तय किया जाए।
-किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों का किराया सीधे भवन स्वामी के खाते में दिया जाए।
-आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
-निजीकरण व आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त की जाए और अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्य न दिए जाएं।
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जिलाध्यक्ष राखी पांडेय ने बताया कि उनके घर के बाहर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। संगठन के महामंत्री कासिम को सदर कोतवाली ले जाने की सूचना है। अन्य पदाधिकारियों को भी घरों में नजरबंद किया जा रहा है।
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कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। उपमा पांडेय और निशु सिंह ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी हैं और वे किसी भी हाल में आंदोलन में शामिल होने लखनऊ जाएंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही संगठन की ओर से कोई ज्ञापन मिला है।
इन मांगों को लेकर आंदोलन
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
-वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी और महंगाई भत्ता लागू किया जाए।
-सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
-ऑनलाइन कार्य के लिए स्मार्ट फोन, रिचार्ज व भत्ता दिया जाए।
-न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक मानदेय तय किया जाए।
-किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों का किराया सीधे भवन स्वामी के खाते में दिया जाए।
-आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
-निजीकरण व आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त की जाए और अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्य न दिए जाएं।
