फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Biologists discover 58 mushroom species in Dudhwa one found to glow at night in Lakhimpur kheri

UP News: दुधवा की धरती पर उगा चमकीला मशरूम, रात में निकलती है रोशनी, जीव विज्ञानियों ने खोजी प्रजाति

Sat, 18 Jul 2026 12:16 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 18 Jul 2026 12:16 PM IST
सार

दुधवा टाइगर रिजर्व में जीव विज्ञानियों ने मशरूम की 58 प्रजातियां की खोज की है। इनमें एक प्रजाति सबसे अलग है। इस प्रजाति का मशरूम रात में चमकता है। उससे रोशनी निकलती है। 

विज्ञापन
Biologists discover 58 mushroom species in Dudhwa one found to glow at night in Lakhimpur kheri
दुधवा की धरती पर उगा चमकीला मशरूम। - फोटो : वन विभाग

विस्तार

प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता से समृद्ध दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में जीव विज्ञानियों ने मशरूम की 58 प्रजातियों की खोज की है। इनमें सलूकापुर समेत अन्य स्थानों पर अंधेरे में चमकने वाले फिलोबोलेटस मैनिपुलारिस मशरूम की भी पहचान की गई है। वैज्ञानिक अध्ययन में खोजी गई 58 प्रजातियों में सिर्फ चार को खाने योग्य बताया गया है।

विज्ञापन


दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि पार्क के जीव विज्ञानी विपिन सैनी, अपूर्व गुप्ता और डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार बारिश के दिनों में जंगल में प्राकृतिक रूप से उगने वाले मशरूम की खोज कर रहे थे। इस दौरान सलूकापुर समेत अन्य स्थानों पर अंधेरे में चमकने वाला मशरूम दिखाई दिया। कई दिनों तक गहराई से छानबीन करने पर इसकी पहचान फिलोबोलेटस मैनिपुलारिस मशरूम प्रजाति के रूप में की गई।
विज्ञापन


शाकाहारी वन्यजीवों का है भोजन 
इनकी कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण यह प्रजाति रात में चमकती है। फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि अधिकतर चमकने वाले मशरूम जहरीले होते हैं। जंगल में प्राकृतिक रूप से निकलने वाले मशरूम के वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आया कि जीव विज्ञानियों की खोज में मिली 58 प्रजातियों में सिर्फ चार खाने योग्य हैं। यही कारण है कि जंगल में स्वच्छंद विचरण करने वाले शाकाहारी वन्यजीव केवल गैर-जहरीले मशरूम खोजकर उन्हें बड़े चाव से खाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

छोटी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण व मानव-वन्यजीव संघर्ष पर मंथन
दुधवा टाइगर रिजर्व में जैव विविधता संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की पहल के तहत बृहस्पतिवार को दुधवा पर्यटन परिसर में स्थानीय समुदाय के साथ परिचर्चा हुई। इसमें फिशिंग कैट, लेपर्ड कैट, जंगल कैट और रस्टी स्पॉटेड कैट के संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की रणनीतियों पर मंथन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे संवेदनशील मुद्दे का प्रभावी समाधान स्थानीय समुदाय के सक्रिय सहयोग के बिना संभव नहीं है। 

बैठक में ग्रामीणों को इन प्रजातियों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और उनसे सुझाव लिए गए, ताकि भविष्य में जैव विविधता को सुरक्षित रखते हुए संघर्ष को न्यूनतम किया जा सके। यह पहल पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से यूएनडीपी और ग्लोबल टाइगर फोरम के सहयोग से संचालित जीईएफ-7 परियोजना का हिस्सा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed